देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक में कुल 15 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक लंबी चली और इसमें कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज को छोड़कर सभी मंत्री उपस्थित रहे।
बैठक में लोक निर्माण विभाग की एशियाई विकास बैंक समर्थित पुल सुधार परियोजना के तहत एक करोड़ रुपये से अधिक की कंसल्टेंसी निविदा को मंजूरी दी गई। न्याय विभाग के प्रस्ताव के अनुसार राज्य के न्यायिक अधिकारियों को वाहन क्रय करने के लिए नाममात्र ब्याज दर पर 10 लाख रुपये तक का सॉफ्ट लोन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया।
ऊर्जा विभाग से जुड़े मामलों में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य द्वारा दी जा रही सब्सिडी से संबंधित प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। वहीं गृह विभाग के तहत उत्तराखंड लोक एवं निजी संपत्ति वसूली अधिनियम, 2025 के नियमों को लागू करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा होमगार्ड्स समूह ‘क’ और ‘ख’ सेवा संशोधन नियमावली के प्रख्यापन को भी मंजूरी दी गई।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर, जिसमें एडेड स्कूल बनने से पहले शिक्षकों की सेवा को पदोन्नति के लिए मान्य करने का मुद्दा शामिल था, मंत्रिमंडल ने उपसमिति गठित करने का निर्णय लिया।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रस्ताव के तहत रबी और खरीफ सत्र में गेहूं और धान की खरीद पर मंडी शुल्क 2 प्रतिशत निर्धारित करने का फैसला लिया गया। उद्योग विभाग की नई उत्तराखण्ड वीर उद्यमी योजना 2026 को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी, जिसमें पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत लक्ष्य आरक्षित रखने और 5 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है।
इसके अतिरिक्त नियोजन विभाग के तहत राज्य योजना आयोग के स्थान पर सेतु आयोग के गठन, उसके कार्यक्षेत्र और संगठनात्मक ढांचे को भी स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में उत्तराखंड की पंचम विधानसभा सत्र 2026 के सत्रावसान को भी औपचारिक मंजूरी दी गई।
इन फैसलों को राज्य के प्रशासनिक, आर्थिक और सामाजिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।








