देहरादून। ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में कानून के विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ने के उद्देश्य से एक दिवसीय **लीगल एक्सपर्ट कॉन्क्लेव** का आयोजन किया गया। इस विशेष कॉन्क्लेव में देश के प्रतिष्ठित विधि विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को न केवल कानूनी शिक्षा के वास्तविक उपयोग से अवगत कराया, बल्कि एक सफल वकील बनने के लिए आवश्यक कौशल और सोच भी साझा की।
कॉन्क्लेव में सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड **निखिल रंजन**, वरिष्ठ अधिवक्ता **शिप्रा प्यारे** और **कुबेर महाजन** ने बतौर मुख्य वक्ता शिरकत की। विशेषज्ञों ने विधि क्षेत्र में आने वाली वास्तविक चुनौतियों, केस मैनेजमेंट, क्लाइंट हैंडलिंग, आर्बिट्रेशन और लिटिगेशन की प्रक्रिया को सरल और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया।
वक्ताओं ने कहा कि कानून की पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि कोर्टरूम की समझ, नैतिक मूल्यों, पेशेवर जिम्मेदारियों और व्यवहारिक सोच का होना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने छात्रों को बताया कि किस प्रकार सही रणनीति, अनुशासन और निरंतर अभ्यास से कानूनी करियर में सफलता प्राप्त की जा सकती है।
इस अवसर पर विशेषज्ञों ने यह भी रेखांकित किया कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में वकीलों को टेक्नोलॉजी, रिसर्च और कम्युनिकेशन स्किल्स में भी दक्ष होना चाहिए। कॉन्क्लेव के दौरान छात्रों ने वक्ताओं से सीधे संवाद कर अपने सवालों के उत्तर प्राप्त किए, जिससे कार्यक्रम और अधिक उपयोगी सिद्ध हुआ।
कॉन्क्लेव का आयोजन **ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लॉ** द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति **डॉ. अमित आर. भट्ट**, डीन एकेडमिक्स **डॉ. प्रमोद एस. नैयर**, स्कूल ऑफ लॉ के हेड **डॉ. विवेक गोयल** सहित अनेक शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए न केवल प्रेरणादायक रहा, बल्कि उन्हें कानून के क्षेत्र में व्यावहारिक रूप से आगे बढ़ने की दिशा भी प्रदान करता है।








