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बनारस से पंजाब तक थाली में उतरी यादें, सोखी की मास्टरक्लास में दिखी स्ट्रीट फूड की जादूगरी

देहरादून। राजधानी देहरादून में हाल ही में स्वाद, यादों और परंपराओं का एक अनूठा संगम देखने को मिला, जब मशहूर शेफ और टेलीविज़न पर्सनैलिटी **शेफ हरपाल सिंह सोखी** ने करिगरी में एक **लाइव क्यूलिनरी मास्टरक्लास** की मेज़बानी की। यह शाम सिर्फ खाना पकाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि भारतीय स्ट्रीट फूड संस्कृति और उससे जुड़ी भावनाओं का उत्सव बन गई।

इस विशेष कार्यक्रम में फूड लवर्स, मीडिया प्रतिनिधि और विशिष्ट अतिथियों ने हिस्सा लिया। मास्टरक्लास को पूरी तरह लाइव और इंटरैक्टिव रखा गया, जहां शेफ हरपाल ने प्रतिभागियों के साथ मिलकर व्यंजन तैयार किए। इस दौरान उन्होंने हर डिश से जुड़ी कहानियां साझा कीं और बताया कि किस तरह पारंपरिक स्वादों को आधुनिक प्रस्तुति के साथ संतुलित किया जा सकता है।

मास्टरक्लास का मेनू भारत भर में शेफ हरपाल की निजी फूड जर्नी को दर्शाता नजर आया। **दीनानाथ की टमाटर चाट**, जो बनारस के प्रसिद्ध दीनानाथ महाराज से प्रेरित है, वाराणसी के घाटों के सदाबहार स्वादों को सामने लाई। वहीं **कुलचे-छोले पकौड़े पॉकेट्स** ने लुधियाना की गलियों में बिताए उनके बचपन की यादें ताजा कर दीं, जहां वे अपने पिता के साथ स्ट्रीट फूड का आनंद लिया करते थे।
मिठाइयों में **जलेबी वाफ़ल्स** ने खास आकर्षण बटोरा, जिसमें पारंपरिक भारतीय मिठाई को आधुनिक गॉरमेट अंदाज़ में पेश कर नई पीढ़ी से जोड़ा गया।

मेहमानों के लिए खास तौर पर तैयार किए गए बुफे में **करिगरी की दाल मखनी, कढ़ाही पनीर पालक मेथी, सब्ज़ बिरयानी, इंडियन ब्रेड्स** और **मिर्चा वाला हलवा** शामिल रहा। पेय पदार्थों में क्षेत्रीय भारतीय ड्रिंक्स को प्रमुखता दी गई, विशेष रूप से **बेला-चमेली शरबत**, जिसने बीकानेर के छोटे कारीगरों और पारंपरिक दुकानों की विरासत को सम्मान दिया।

इस अवसर पर शेफ हरपाल सिंह सोखी ने कहा कि उनके लिए खाना सिर्फ रेसिपी नहीं, बल्कि लोगों, जगहों और यादों से जुड़ा अनुभव है। उन्होंने कहा कि जब लोग साथ मिलकर खाना बनाते हैं, तब भोजन एक उत्सव बन जाता है।

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