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रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर मंदसौर में विदेशी श्रद्धालुओं की आस्था, छलके आंसू

मध्य प्रदेश के मंदसौर स्थित अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में शनिवार देर शाम एक अत्यंत भावुक और आध्यात्मिक दृश्य देखने को मिला। यूक्रेन से आई छह सदस्यीय महिला श्रद्धालुओं के दल ने मंदिर पहुंचकर भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन किए और रूस-यूक्रेन युद्ध के शीघ्र समाप्त होने की कामना की।

दर्शन के दौरान यूक्रेनी महिलाएं भगवान पशुपतिनाथ के चरणों में नतमस्तक होकर प्रार्थना करती नजर आईं। इस दौरान दल में शामिल एक महिला की आंखों से आंसू बहते देखे गए, जिसने वहां मौजूद श्रद्धालुओं को भी भावुक कर दिया। महिलाओं ने विश्व में शांति, मानवता और सद्भाव की स्थापना के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।

इस अवसर पर जूना अखाड़ा (भिवानी-हरियाणा) के महामंडलेश्वर स्वामी संगम गिरी महाराज भी उपस्थित रहे। उन्होंने यूक्रेन से आए श्रद्धालुओं को अष्टमुखी भगवान पशुपतिनाथ मंदिर की ऐतिहासिक महत्ता, धार्मिक परंपराओं और आध्यात्मिक दिव्यता के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

यूक्रेन से आए दल में कर्णेश्वरी भी शामिल थीं, जो माता काली की अनन्य भक्त हैं। उन्होंने बताया कि पशुपतिनाथ के दर्शन कर उन्हें ऐसा अनुभव हुआ, मानो ईश्वर साक्षात आसपास उपस्थित हों। कर्णेश्वरी ने कहा कि उन्होंने भगवान से अपने देश में चल रहे युद्ध के अंत और शांति की बहाली की प्रार्थना की है।

विदेशी श्रद्धालुओं की यह भावुक उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि भगवान पशुपतिनाथ की आस्था और आध्यात्मिक प्रभाव देश-विदेश की सीमाओं से परे है। यह पावन स्थल शांति, करुणा और विश्व बंधुत्व का संदेश देता है, जिसकी पहचान अब वैश्विक स्तर पर बन चुकी है।

 

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