भुरकुंडा (रामगढ़)। गुड फ्राइडे के अवसर पर भुरकुंडा कैथोलिक आश्रम स्कूल सहित पूरे भुरकुंडा कोयलांचल, बासल और पतरातु क्षेत्र के गिरजाघरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। इस पावन अवसर पर ईसाई धर्मावलंबियों ने चर्च पहुंचकर विशेष प्रार्थना और आराधना की।
गुड फ्राइडे ईसाई समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और भावनात्मक दिन माना जाता है। यह दिन प्रभु ईसा मसीह के बलिदान की याद में मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन करीब दो हजार वर्ष पहले ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाया गया था। इसलिए इस दिन को शोक और श्रद्धा के रूप में याद किया जाता है।
भुरकुंडा कैथोलिक चर्च में आयोजित विशेष प्रार्थना सभा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे वातावरण में भक्ति और श्रद्धा की भावना स्पष्ट रूप से महसूस की गई। लोगों ने प्रभु यीशु के बताए मार्ग पर चलने और मानवता की सेवा करने का संकल्प लिया।
इस धार्मिक अनुष्ठान का नेतृत्व फादर बरनाबस खलखो, फादर सेबरेन लकड़ा और फादर थोमस रोड्रिक ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में सिस्टर सुनीता, सिस्टर सुमंती और सिस्टर अग्नेस सहित हॉली क्रॉस की धर्म बहनों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसके अलावा चर्च से जुड़े कई प्रमुख सदस्यों जैसे इरेनियुस, इग्नासियुस किण्डो, जस्टिन, दयाकिशोर पेत्रुस लकड़ा, अजीत और सुदीप ने भी आयोजन में सहयोग दिया। महिला संघ से ब्रिजीनिया ललिता, सिसिलिया, रेबेका, पूनम, कंचन, खुशबू, रासेल, सुमन, जोसफिन, शोषाण, ज्योति, मेन्सिया और हेलेन की सक्रिय भागीदारी रही।
युवा संघ के सदस्य मनीष लकड़ा, नम्रता, रश्मि, शनि, अनुराग, भावना और महिमा ने भी पूरे आयोजन को सफल बनाने में अहम योगदान दिया।
गुड फ्राइडे के इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में शांति, सद्भाव और मानवता का संदेश दिया गया, जिससे समाज में एकता और भाईचारे की भावना और मजबूत हुई।








