हरिद्वार में जारी कांवड़ मेला अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। श्रावण मास के इस पावन अवसर पर जहां श्रद्धालु भोलेनाथ को जल अर्पित करने के लिए उमड़ रहे हैं, वहीं मेले में कुछ अराजक घटनाएं भी सामने आ रही हैं। सोमवार को हरिद्वार के शंकर आश्रम तिराहे पर कांवड़ियों के दो गुटों में जमकर मारपीट हो गई। घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
अंतिम चरण में कांवड़ मेला, फटाफट कांवड़ियों की भीड़
श्रावण मास के अंतिम सोमवार के निकट आते ही कांवड़ यात्रा अपने चरम पर पहुंच गई है। पैदल कांवड़ियों का आगमन अब लगभग थम चुका है और अब फटाफट कांवड़ यात्रा के तहत बड़ी संख्या में बाइक, कार और अन्य वाहनों से कांवड़िये हरिद्वार पहुंच रहे हैं। जल भरने के बाद कांवड़िये तेज़ी से अपने गंतव्यों की ओर कूच कर रहे हैं।
भीड़ के इस दबाव के बीच श्रद्धा और आस्था का माहौल कुछ स्थानों पर अराजकता में बदलता नजर आ रहा है। शंकर आश्रम तिराहे पर हुई झड़प ने फिर से यह साबित कर दिया है कि कांवड़ मेले में प्रशासनिक चुनौतियां अब और गहरी हो रही हैं।
शंकर आश्रम तिराहे पर भिड़े दो गुट
घटना हरिद्वार शहर के केंद्र में स्थित शंकर आश्रम तिराहे की है, जहां सोमवार दोपहर कांवड़ियों के दो गुट आपस में भिड़ गए। बताया जा रहा है कि मामूली कहासुनी के बाद बात बढ़ती गई और दोनों पक्षों में लात-घूंसे चलने लगे।
वीडियो में देखा जा सकता है कि दर्जनों युवक आपस में मारपीट कर रहे हैं। कुछ लोग एक-दूसरे पर डंडों और कांवड़ों से वार करते नजर आए। यह घटना वहां मौजूद राहगीरों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली, और वीडियो अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पुलिस और स्थानीय लोगों ने कराया बीच-बचाव
संघर्ष बढ़ने पर मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और कुछ समझदार कांवड़ियों ने बीच-बचाव कर किसी तरह मामला शांत कराया। हालांकि कुछ लोग इस मारपीट में घायल हुए हैं, लेकिन किसी की गंभीर चोट की सूचना नहीं है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया, और कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित हुआ।
लगातार हो रही हैं झड़पें, पुलिस सतर्क
हरिद्वार में इस वर्ष कांवड़ मेले के दौरान श्रद्धा के साथ-साथ उपद्रव और अराजकता की घटनाएं भी तेजी से सामने आ रही हैं। चाहे वह हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों की रेस हो, डीजे की धुनों पर नाचना हो या झगड़े—कई बार कांवड़ यात्रा सुरक्षा और शांति व्यवस्था के लिए चुनौती बनती नजर आ रही है।
हरिद्वार पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वायरल वीडियो की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की घटनाओं को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस की अपील और चेतावनी
हरिद्वार एसएसपी अजय सिंह ने श्रद्धालुओं से संयम और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा, “कांवड़ यात्रा एक आस्था का विषय है, इसे अराजकता का माध्यम न बनने दें। सभी कांवड़ियों से अनुरोध है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और शांति बनाए रखें।”
साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी कानून व्यवस्था भंग करने का प्रयास करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वायरल वीडियो की बारीकी से जांच की जा रही है और जल्द ही दोषियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था
लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए हरिद्वार में पुलिस फोर्स की संख्या बढ़ा दी गई है। प्रमुख चौराहों, तिराहों और जल भरने के प्रमुख घाटों पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इसके अलावा ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी से भीड़ पर निगरानी की जा रही है।
निष्कर्ष
कांवड़ यात्रा उत्तर भारत की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक है, जो हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को हरिद्वार, गंगोत्री और अन्य पवित्र स्थलों तक ले जाती है। लेकिन जब यह यात्रा अराजकता और हिंसा की घटनाओं से जुड़ने लगती है, तो यह न केवल यात्रा की पवित्रता को प्रभावित करती है, बल्कि पूरे समाज को भी संदेश देती है कि धार्मिक भावनाओं के साथ अनुशासन और संयम भी आवश्यक हैं।
हरिद्वार प्रशासन की चुनौतियां अब और अधिक बढ़ गई हैं, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि सख्त कदमों और जागरूकता के माध्यम से मेले को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बनाया जा सकेगा। श्रद्धालुओं और कांवड़ियों से अपील है कि वे इस यात्रा को आस्था, अनुशासन और सहिष्णुता के साथ पूर्ण करें, जिससे यह धार्मिक परंपरा सदियों तक गौरव के साथ जीवित रह सके।








