उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के हर्षिल क्षेत्र में बनी अस्थायी झील ने पिछले कई दिनों से प्रशासन और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा रखी थी। अब इस झील से धीरे-धीरे पानी की निकासी शुरू हो चुकी है, जिससे काफी हद तक खतरा टल गया है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि झील के मुहाने से पानी का प्रवाह सुचारू रूप से जारी है और फिलहाल किसी बड़े खतरे की आशंका नहीं है।
डीएम ने जानकारी दी कि बीते दिनों से उत्तराखंड जल विद्युत निगम और सिंचाई विभाग की तकनीकी टीम लगातार झील को पंचर करने का प्रयास कर रही थी, ताकि धीरे-धीरे पानी का स्तर नियंत्रित ढंग से घटाया जा सके। अब पानी निकलने के बाद झील के आसपास के इलाकों में खतरे की संभावना कम हो गई है।
हर्षिल हेलीपैड के पास भागीरथी नदी पर बनी यह अस्थायी झील करीब चार किलोमीटर लंबी है। इस झील के कारण गंगोत्री हाईवे का हिस्सा डूब गया था और आसपास के गांवों में खतरे की स्थिति बनी हुई थी। प्रशासन की चौकसी को देखते हुए झील पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
गौरतलब है कि पांच अगस्त को खीरगंगा नदी में आई बाढ़ ने धराली बाजार को पूरी तरह तबाह कर दिया था। हर्षिल और धराली क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ। हेलीपैड के पास तेलगाड़ नाले में आए उफान और मलबे ने भागीरथी नदी के प्रवाह को रोक दिया था, जिससे झील का निर्माण हुआ। इस कारण सेना शिविर के पास धराली तक लगभग 600 मीटर लंबी सड़क जलमग्न हो गई थी।
झील का जलस्तर समय-समय पर बढ़ता और घटता रहा, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल था। हालांकि, अब पानी का बहाव नियंत्रित ढंग से शुरू हो गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि खतरा पूरी तरह से टला नहीं है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। प्रशासन लगातार स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि किसी भी आपदा से समय रहते निपटा जा सके।








