देहरादून। जिले में छात्रों से जुड़ी बढ़ती हुड़दंग और अवांछनीय गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून ने पुलिस कार्यालय स्थित सभागार में सभी अधीनस्थ अधिकारियों के साथ बैठक कर हाल के घटनाक्रमों की समीक्षा की और पीजी तथा हॉस्टल संचालकों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि पढ़ाई की आड़ में मारपीट, उपद्रव और अन्य अनुशासनहीन गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले छात्र-छात्राओं पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही सभी पीजी और हॉस्टल संचालकों को अपने यहां रहने वाले विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी प्रतिष्ठान में बिना सत्यापन के छात्र रहते पाए गए तो संबंधित संचालक के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने निर्देश दिया है कि सभी संचालक अपने यहां रह रहे छात्रों का पूरा रिकॉर्ड—जैसे पहचान पत्र, स्थायी पता, मोबाइल नंबर और अभिभावकों का विवरण—डिजिटल और भौतिक दोनों रूपों में सुरक्षित रखें। किसी भी आपात स्थिति या जांच के दौरान पुलिस द्वारा मांगने पर यह जानकारी तुरंत उपलब्ध करानी होगी।
इसके अलावा, हॉस्टल और पीजी में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर भी सख्त प्रतिबंध लगाया गया है। रात 8 बजे के बाद बिना अनुमति किसी बाहरी व्यक्ति के पाए जाने पर प्रतिष्ठान स्वामी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही छात्रों के लिए रात्रि 10 बजे तक ही प्रवेश की अनुमति होगी। विशेष परिस्थितियों में ही लिखित अनुमति और उचित एंट्री के बाद देर रात प्रवेश दिया जा सकेगा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। प्रशासन ने सभी संचालकों से निर्देशों का पालन करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है, ताकि शैक्षणिक वातावरण शांतिपूर्ण और सुरक्षित बना रहे।








