गोला (रामगढ़)। रामगढ़ जिले के गोला वन क्षेत्र में जंगली हाथियों के आतंक ने शुक्रवार की सुबह तीन लोगों की जान ले ली, जबकि एक बुजुर्ग महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। अलग-अलग स्थानों—बंदा, मुरपा और धोरधोरिया—में हुई इन घटनाओं के बाद पूरे इलाके में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना अहले सुबह की है जब लोग अपने दैनिक कार्यों में लगे हुए थे। इसी दौरान अचानक जंगली हाथियों का झुंड गांवों की ओर आ गया और लोगों पर हमला कर दिया।
बंदा क्षेत्र में ईंट भट्ठे पर काम कर रहे तालाटांड (पतरातू) निवासी 25 वर्षीय धीरज भुइयां और कुजू निवासी 25 वर्षीय युगल भुइयां पर हाथियों ने अचानक हमला कर दिया। दोनों को बुरी तरह कुचल दिया गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, मुरपा क्षेत्र में महुआ चुनने गए 70 वर्षीय श्याम देव साहू भी हाथियों के हमले का शिकार हो गए और घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
बताया जा रहा है कि मृतक धीरज भुइयां अपने पीछे पत्नी सहित दो पुत्र और एक पुत्री छोड़ गए हैं, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
इसी क्रम में धोरधोरिया सुतरी गांव की 74 वर्षीय अदरी देवी भी हाथियों के हमले में घायल हो गईं। वह महुआ चुन रही थीं, तभी हाथी ने उन्हें पटक दिया। गंभीर रूप से घायल महिला को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गोला में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। प्रभारी वनपाल योगेंद्र कुमार, वनरक्षी मनीष कुमार शर्मा, दीपक सिन्हा और निलेश पोद्दार ने स्थिति का जायजा लिया। वन विभाग ने मृतकों के परिजनों को तत्काल 25-25 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की है। शेष 3 लाख 75 हजार रुपये की मुआवजा राशि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दी जाएगी।
इसके अलावा ईंट भट्ठा संचालक ने भी मृतकों के परिजनों को 40-40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच जारी है।
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।








