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रक्तदान शिविर में उमड़ा युवाओं का उत्साह, शिक्षा मंत्री ने की सराहना

देहरादून। ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में आयोजित रक्तदान शिविर ने मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया। इस शिविर में विभिन्न पाठ्यक्रमों के 280 छात्र-छात्राओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर जरूरतमंदों के जीवन को बचाने का संकल्प लिया। शिविर में कुल 600 छात्र-छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिनमें से बड़ी संख्या में युवाओं ने रक्तदान के लिए आगे आकर सामाजिक सरोकार का परिचय दिया।

राज्य के शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अचानक शिविर स्थल पर पहुंचकर कार्यक्रम का निरीक्षण किया। उन्होंने रक्तदाताओं से संवाद करते हुए कहा कि रक्तदान केवल दूसरों की जान बचाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह रक्तदाता के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी होता है। उन्होंने कहा कि रक्त का कोई विकल्प नहीं है और जिसे रक्त की आवश्यकता होती है, उसकी जान केवल एक संवेदनशील रक्तदाता ही बचा सकता है।

डॉ. धन सिंह रावत ने ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय के सामाजिक दायित्वों की प्रशंसा करते हुए कहा कि छात्रों द्वारा एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनने की भावना समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने युवाओं से आगे भी इस प्रकार के सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

शिविर के दौरान उच्च शिक्षा विभाग के अपर निदेशक डॉ. आनंद सिंह उनियाल ने 150वीं बार रक्तदान कर एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। उनका यह योगदान उपस्थित युवाओं के लिए विशेष प्रेरणा का केंद्र रहा। इसके साथ ही शिविर में 100 छात्रों ने पहली बार रक्तदान किया, जिससे युवा पीढ़ी में बढ़ती सामाजिक चेतना स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

रक्तदान शिविर का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी की एनएसएस टीम द्वारा किया गया। शिविर को सफल बनाने में एनएसएस कोऑर्डिनेटर डॉ. ए. एस. शुक्ला, डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ. अनिल चौहान, डॉ. अंजार अहमद और निकेश जोशी का विशेष योगदान रहा। इन सभी ने स्वयं भी रक्तदान कर छात्रों को सेवा की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे सामाजिक अभियानों को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया।

 

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