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लोक भवन में सूफी सुरों की गूंज, Uttarakhand की सांस्कृतिक विरासत पर राज्यपाल-सरताज संवाद

देहरादून। देवभूमि Uttarakhand की राजधानी Dehradun स्थित लोक भवन में उस समय आत्मीय माहौल देखने को मिला, जब प्रख्यात सूफी गायक Satinder Sartaaj ने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल Gurmit Singh (सेवानिवृत्त) से शिष्टाचार भेंट की।

इस दौरान दोनों के बीच कला, संस्कृति और उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। राज्यपाल ने सतिंदर सरताज के सूफी संगीत की सराहना करते हुए कहा कि उनका गायन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि वह प्रेम, मानवता और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि ऐसे कलाकार समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और हमारी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत बनाते हैं।

राज्यपाल ने यह भी कहा कि उत्तराखंड की भूमि सदियों से संतों, महात्माओं और कलाकारों की साधना स्थली रही है। यहां की सांस्कृतिक विविधता और लोक परंपराएं देश की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्हें सहेजने और आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

वहीं, सतिंदर सरताज ने राज्यपाल का आभार व्यक्त करते हुए उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और यहां के आत्मीय वातावरण की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि देवभूमि में आकर उन्हें एक विशेष आध्यात्मिक अनुभव होता है, जो उनकी कला को नई ऊर्जा प्रदान करता है।

भेंट के दौरान पारंपरिक सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहा। दोनों ने एक-दूसरे को स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मान व्यक्त किया। यह मुलाकात कला और संस्कृति के माध्यम से समाज में सकारात्मक संदेश देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

 

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