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रोड कटिंग से बढ़ते हादसे, जिला प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला

देहरादून। शहर में निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने शहर अंतर्गत सभी निर्माण कार्य अनुमतियों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही माह जनवरी में आकस्मिक परिस्थितियों के दृष्टिगत आपदा कंट्रोल रूम द्वारा जारी की गई सभी कार्यालयीय अनुमतियां भी रद्द कर दी गई हैं।

जिला प्रशासन ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए हैं कि वे एक दिवस के भीतर अपने कार्यस्थलों से मशीनरी, निर्माण सामग्री और अन्य उपकरण हटाएं। साथ ही यह भी आदेश दिया गया है कि 10 दिनों के भीतर संबंधित सड़कों को पूर्व स्थिति में लाया जाए, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा या खतरे का सामना न करना पड़े।

अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) तथा अन्य सड़क निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे रोस्टरवार अभियंताओं की ड्यूटी सुनिश्चित करें। इन अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में सड़कों के सुधारीकरण और मरम्मत कार्य तत्काल प्रारंभ कर 10 दिवस के भीतर सभी सड़कों को सुरक्षित और सुचारू स्थिति में लाने के आदेश दिए गए हैं।

प्रशासन के संज्ञान में यह बात आई है कि विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा सड़क कटिंग के दौरान न तो निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है और न ही संकेतक, बैरिकेडिंग या आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। इसके अलावा संबंधित विभागों के सक्षम अधिकारी भी कार्यस्थलों पर उपस्थित रहकर कार्यों की निगरानी नहीं कर रहे हैं।

जिला प्रशासन की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) द्वारा किए गए स्थलीय निरीक्षणों में बार-बार अनियमितताएं पाई गईं। पेनल्टी, मुकदमे और दंडात्मक कार्रवाई के बावजूद अपेक्षित सुधार न होने से कई स्थानों पर अव्यवस्था की स्थिति बनी रही, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि और गंभीर हादसों की आशंका बढ़ गई।

इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कठोर निर्णय लिया है और स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

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