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डीबीएस ग्लोबल यूनिवर्सिटी में DREAMS-2025: डिजिटल और सस्टेनेबिलिटी पर वैश्विक विमर्श

6 देशों की भागीदारी और 350 शोधपत्रों के साथ DREAMS-2025 बना ऐतिहासिक आयोजन

देहरादून। डीबीएस ग्लोबल यूनिवर्सिटी, देहरादून में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस **DREAMS-2025** (Digital Resilience for Ecological Advancement, Management and Sustainability) का भव्य शुभारंभ हुआ। यह दो दिवसीय आयोजन शिक्षा और शोध के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हुआ, जिसमें भारत के 25 राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ 6 देशों की सक्रिय भागीदारी रही।

कॉन्फ्रेंस में **800 से अधिक प्रतिभागी** और **350 से ज्यादा शोधपत्र** शामिल हुए, जिसने इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खास महत्व प्रदान किया। इस आयोजन में शिक्षा, प्रबंधन, तकनीक और पर्यावरणीय मुद्दों पर गहन विमर्श हुआ।

 वैश्विक सहयोग

इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर पांच प्रमुख विदेशी विश्वविद्यालयों — **Malaysia University of Science & Technology, MAHSA University, UNIMY (Malaysia), Gedik University (Turkey), और BC Education (Singapore)** — ने भागीदारी की। इस सहयोग ने DREAMS-2025 को वैश्विक आयाम प्रदान करते हुए अंतरराष्ट्रीय शोध व नवाचार की नई दिशा दी।

कॉन्फ्रेंस के विषय

कॉन्फ्रेंस को नौ ट्रैक्स में विभाजित किया गया, जिनमें **डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, ग्रीन मार्केटिंग, डिजिटल फाइनेंशियल इंक्लूज़न, सस्टेनेबल सप्लाई चेन, और ईकोलॉजिकल रेज़िलियंस** जैसे विषय शामिल थे। विशेषज्ञ वक्ताओं ने भविष्य की चुनौतियों, अवसरों और रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्य अतिथि का संबोधन

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि **डॉ. इंद्रेश कुमार (राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, आरएसएस)** ने कहा —
“आज का युग डिजिटल परिवर्तन का है। यदि हम इस बदलाव को सतत विकास और पर्यावरणीय संतुलन से जोड़ते हैं, तो समाज और राष्ट्र दोनों को नई दिशा मिलेगी। युवा शक्ति इस बदलाव की सबसे बड़ी ताकत है और DREAMS-2025 जैसा आयोजन इसका सशक्त उदाहरण है।”

विशिष्ट अतिथि का संदेश

विशिष्ट अतिथि **श्री गोपाल कृष्ण अग्रवाल (बोर्ड डायरेक्टर – बीपीसीएल, बैंक ऑफ बड़ौदा, सदस्य ICSI)** ने अपने संबोधन में कहा —
“भविष्य की अर्थव्यवस्था डिजिटल इनोवेशन और जिम्मेदार प्रबंधन पर आधारित होगी। इस तरह के सम्मेलन हमें ठोस दिशा प्रदान करते हैं।”

 विश्वविद्यालय नेतृत्व की भूमिका

इस अवसर पर **विश्वविद्यालय अध्यक्ष श्री मोहित अग्रवाल, कुलपति डॉ. संजय जसोल, रजिस्ट्रार डॉ. रोहित रस्तोगी, कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) राजीव भारद्वाज और प्रो-वाइस चांसलर डॉ. मनीष प्रतीक** भी उपस्थित रहे।

अध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने कहा —
“DREAMS-2025 हमारी उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिससे हम वैश्विक स्तर पर शोध और नवाचार को प्रोत्साहन दे रहे हैं।”

कुलपति डॉ. जसोल ने इसे “**वैश्विक विमर्श का प्लेटफ़ॉर्म**” बताते हुए कहा कि यह आयोजन आने वाले वर्षों की सोच को दिशा देगा।

कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा —
“नौ ट्रैक्स में हुई चर्चाएँ भविष्य की शोध-उद्योग रणनीतियों को आकार देंगी। सम्मेलन का परिणाम स्वरूप एक श्वेत पत्र तैयार कर सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया है।”

निष्कर्ष

डीबीएस ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने इस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से न केवल शिक्षा के क्षेत्र में अपनी नेतृत्वकारी भूमिका साबित की, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी का भी परिचय दिया। DREAMS-2025 यह संदेश देता है कि शिक्षा तभी सार्थक है जब वह समाज और भविष्य की पीढ़ियों के लिए दिशा तय करे।

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