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डीएम सविन बंसल की सख्ती: लंबित आपराधिक मामलों पर दिए कड़े निर्देश

देहरादून न्यायालयों में लंबित वादों की होगी हर माह समीक्षा, जानें डीएम का ऐक्शन प्लान

देहरादून के जिलाधिकारी  सविन बंसल ने बुधवार को जिला न्यायालयों में विचाराधीन व लंबित मामलों की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने शासकीय अधिवक्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन कारणों से आपराधिक वाद न्यायालयों में लंबित हैं, उनका उल्लेख करते हुए त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।

डीएम बंसल ने कहा कि **लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अत्यंत आवश्यक है**। उन्होंने विशेष रूप से आपराधिक मामलों पर जोर देते हुए कहा कि दोषियों को समय पर सजा दिलाना ही न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता बढ़ाता है। इसके लिए गवाहों की उपलब्धता और समय पर साक्ष्य प्रस्तुत करना बेहद जरूरी है।

समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि हर आपराधिक मामले की पैरवी जिम्मेदारी और मजबूती से की जाए। साथ ही जिन मामलों में अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है, उन्हें तत्काल पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि **न्यायालयों में लंबित प्रकरणों की प्रगति की हर माह समीक्षा की जाएगी**, ताकि अनावश्यक देरी पर रोक लग सके।

संयुक्त निदेशक विधि और जिला शासकीय अधिवक्ता ने बैठक में जानकारी दी कि देहरादून जिले के विभिन्न न्यायालयों में बड़ी संख्या में आपराधिक मामले लंबित हैं। इनमें **बड्स न्यायालय में 5, गैंगस्टर कोर्ट में 7, सत्र न्यायालय में 28, पंचम अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में 38, एफटीएससी में 41, एनडीपीएस एक्ट के तहत 19, पॉक्सो के 81, अपर सत्र न्यायालय विकासनगर में 18 और ऋषिकेश में 11 मामले** शामिल हैं। इन सभी मामलों में सुनवाई विचाराधीन है।

डीएम ने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक वाद की अद्यतन स्थिति, लंबित होने के कारण और उनके समाधान को व्यवस्थित ढंग से दर्ज किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी अधिकारियों को पारदर्शिता व तत्परता के साथ कार्य करना होगा।

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