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51 मामलों का निस्तारण, 5 में FIR के आदेश—जानिए बैठक में क्या हुआ बड़ा फैसला

देहरादून। गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने भूमि धोखाधड़ी के मामलों को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी मामला लंबित न रहे और सभी शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। सर्वे चौक स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित लैंड फ्रॉड समन्वय समिति की बैठक में लंबित और नए मामलों की गहन समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान समिति ने 11 लंबित मामलों और 51 नई शिकायतों पर विचार किया। इनमें से 51 प्रकरणों का निस्तारण किया गया, जबकि 5 मामलों में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। आयुक्त ने कहा कि भूमि धोखाधड़ी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध कार्रवाई की जाए और जिन मामलों में संयुक्त निरीक्षण जरूरी है, उन्हें तत्काल पूरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

उन्होंने तहसील स्तर से आने वाली रिपोर्टों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते हुए अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की त्रुटि या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामलों में अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज कराने और पुलिस द्वारा प्रभावी जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन मामलों में भूमि धोखाधड़ी के स्पष्ट संकेत मिलते हैं, उनमें एसआईटी जांच कराई जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर ऐसे मामलों के त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान कुछ अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी आयुक्त ने नाराजगी जताई। उप जिलाधिकारी सदर और ऋषिकेश के बैठक में अनुपस्थित रहने पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया। वहीं एक मामले में तहसीलदार द्वारा पूरी जानकारी न देने पर आयुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

इस कार्रवाई से साफ है कि प्रशासन भूमि धोखाधड़ी के मामलों पर अब कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।

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