चमन लाल स्वायत्त महाविद्यालय में उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी के साथ संयुक्त दीक्षारंभ समारोह सम्पन्न
लंढौरा (हरिद्वार), 4 अगस्त। रुड़की आईआईटी के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने कहा है कि अन्य विश्वविद्यालयों के टॉपर्स को आईआईटी रुड़की में उच्चतर उपाधि पाठ्यक्रमों में सीधे प्रवेश दिया जाएगा।

उन्होंने यह घोषणा चमन लाल स्वायत्त महाविद्यालय में आयोजित संयुक्त दीक्षारंभ समारोह के दौरान की, जिसका आयोजन उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के साथ मिलकर किया गया।
समारोह की अध्यक्षता उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने की, जबकि कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा परिसर में पौधारोपण के साथ हुई।
प्रो. पंत ने कहा कि देश के विकास में युवाओं की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि जब भारत अपनी आज़ादी की 100वीं वर्षगांठ मना रहा होगा, ठीक उसी समय आईआईटी रुड़की की स्थापना को 200 वर्ष पूर्ण हो चुके होंगे, जो अपने आप में ऐतिहासिक संयोग होगा। उन्होंने कहा कि संस्थान की प्रयोगशालाएं नवाचार और अनुसंधान के इच्छुक युवाओं के लिए सदैव खुली हैं।
उन्होंने प्रयोगात्मक शिक्षा, ग्रामीण विकास, ऊर्जा संरक्षण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग जैसे क्षेत्रों की संभावनाओं पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने छात्रों को पलायन रोकने, गांवों में टेक्नोलॉजी के विकास, तथा रोजगारपरक अवसरों पर ध्यान केंद्रित करने की प्रेरणा दी।
आईआईटी निदेशक ने यह भी बताया कि निकटवर्ती इंटर कॉलेजों के छात्रों को संस्थान से जोड़ने के लिए प्रेरणात्मक अभियान चलाया जा रहा है।
इस अवसर पर ओपन यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने नई शिक्षा नीति की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अब विद्यार्थी एक साथ दो डिग्रियाँ भी प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय 100 से अधिक पाठ्यक्रमों का संचालन कर रहा है, जिनमें डिप्लोमा से लेकर डॉक्टरेट स्तर तक की उपाधियाँ शामिल हैं।
कुलसचिव डॉ. के. आर. भट्ट ने विश्वविद्यालय की योजनाओं और प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वर्ष ओपन यूनिवर्सिटी द्वारा गांव स्तर तक शैक्षिक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष रामकुमार शर्मा ने आईआईटी निदेशक के आगमन को संस्थान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और विज्ञान के शिक्षकों व छात्रों को आईआईटी की योजनाओं से लाभान्वित होने का आग्रह किया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुशील उपाध्याय ने विगत वर्षों की शैक्षिक उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले वर्षों में 50 से अधिक छात्रों ने NET, GATE और JAM जैसी परीक्षाएं उत्तीर्ण की हैं, जो ग्रामीण क्षेत्र के महाविद्यालय के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है।
कार्यक्रम का संचालन आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. दीपा अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर प्रबंध समिति के कोषाध्यक्ष अतुल हरित, क्षेत्रीय निदेशक डॉ. बृजेश बनकोटी, दीक्षारंभ समन्वयक डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. हिमांशु कुमार, डॉ. किरण शर्मा, डॉ. अनामिका चौहान, डॉ. इरफान एवं अनुशासन समिति के सदस्य भी उपस्थित रहे।








