उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले के आपदाग्रस्त क्षेत्र धराली और हर्षिल में हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि प्रशासन द्वारा आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव कार्यों में तेजी लाई गई है। बिजली, पानी, और कनेक्टिविटी की सेवाएं बहाल की जा चुकी हैं, और प्रभावितों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में भेजा जा रहा है। साथ ही, प्रशासन और सेना के संयुक्त प्रयासों से राहत कार्यों को युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने रविवार को आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र में छह दिन बिताने के बाद उत्तरकाशी लौटकर मुख्यालय पर आपदा स्मार्ट कंट्रोल रूम में रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों के साथ आपदा राहत कार्यों को और प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए रणनीतियों पर चर्चा की और उन्हें दिशा-निर्देश दिए।
प्रशांत आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों पर धराली और हर्षिल में राहत, बचाव और रेस्क्यू कार्यों में तेजी लाई गई है। इस दौरान प्रशासन के साथ सेना और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के जवान भी राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। बिजली, पानी और संचार सेवाओं को बहाल कर दिया गया है, जिससे प्रभावितों को राहत मिल रही है। साथ ही, प्रशासन द्वारा प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में भोजन, पानी और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
एक सवाल का जवाब देते हुए डीएम ने कहा कि लापता लोगों की पुष्टि के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ लगातार राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि लापता लोगों के बारे में पुष्टि होते ही जनहानि का आंकड़ा तैयार किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि धराली और हर्षिल में आयी आपदा के बाद से प्रशासन ने पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित परिवारों की मदद की है। वे खुद इस आपदा के तुरंत बाद प्रभावित क्षेत्रों में कैंप कर रहे हैं, ताकि लोगों के बीच जाकर उनका ढांढस बंधा सकें और राहत कार्यों को सही दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।
डीएम ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालकर उनके गंतव्यों तक पहुंचाने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता है कि सभी प्रभावितों को सुरक्षित निकाला जाए और उन्हें सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। उन्होंने प्रभावित लोगों से अपील की कि वे धैर्य बनाए रखें और किसी भी तरह की आवश्यकता के लिए प्रशासन से संपर्क करें।
प्रशासन की पूरी कोशिश है कि प्रभावित क्षेत्रों में सभी व्यवस्थाएं जल्द से जल्द बहाल हो जाएं। इस कठिन घड़ी में सरकार और प्रशासन पूरी तरह से प्रभावितों के साथ खड़ा है और उनकी हर संभव मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।








