देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए निवेशकों की सुविधाओं और सहूलियतों का पूरा ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि राज्य में निवेशक आकर्षित हों और उनके लिए एक सुविधाजनक माहौल तैयार किया जाए। इसके अलावा, उन्होंने निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश भी दिया।
निवेशकों के साथ व्यक्तिगत संपर्क बनाए रखने पर जोर
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान राज्य में निवेश करने वाले शीर्ष पचास निवेशकों से व्यक्तिगत रूप से नियमित संपर्क बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि निवेशकों के लिए ‘निवेश मित्रों’ की तैनाती की जाए ताकि उनकी सभी समस्याओं का समाधान त्वरित रूप से किया जा सके। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से यह कहा कि निवेशकों की संतुष्टि और सुविधाओं का ध्यान रखते हुए राज्य में एक मजबूत निवेश परिवेश तैयार किया जाए।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार को निवेशकों के लिए ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस, उद्यम रजिस्ट्रेशन से लेकर जमीन आवंटन तक की प्रक्रियाओं में निरंतर सुधार करने चाहिए। उन्होंने सिंगल विंडो सिस्टम को और अधिक सरल बनाने का भी निर्देश दिया, ताकि निवेशकों को किसी भी प्रकार की जटिलताओं का सामना न करना पड़े।
सीएम स्वरोजगार योजना का विस्तार, युवाओं को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सीएम स्वरोजगार योजना को अधिक प्रभावी बनाते हुए इससे लाभान्वित होने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि की जाए। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अब तक लगभग 35,000 लोग लाभान्वित हो चुके हैं, और सरकार का लक्ष्य इस संख्या को और बढ़ाने का है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में लाई गई नई नीतियों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक युवा इन नीतियों से लाभ उठा सकें।
निर्यात और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की योजना
मुख्यमंत्री ने राज्य में लाई गई एक्सपोर्ट पॉलिसी के तहत राज्य के उत्पादों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि निर्यात से जुड़े लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष कदम उठाए जाएं। इसके साथ ही, उन्होंने पर्वतीय जिलों में हैंडलूम, होमस्टे और एग्रो-बेस्ड लघु उद्योगों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप पॉलिसी को उद्योग विभाग के साथ जोड़ने की बात भी कही, ताकि युवाओं को नए उद्योग स्थापित करने के लिए प्रेरित किया जा सके। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने यूथ इनक्यूबेशन सेंटर खोलने की दिशा में भी कदम बढ़ाने का निर्देश दिया।
खास परियोजनाएं और योजनाएं
बैठक में सचिव उद्योग विनय शंकर पांडेय ने बताया कि अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरीडोर के तहत खुरपिया फार्म में 1002 एकड़ क्षेत्रफल में इंटीग्रेटेड मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना 1265 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जाएगी और इससे लगभग 22,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने 207 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की है।
इसके अलावा, हरिद्वार, पंतनगर और सेलाकुई में भी उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें फ्लैटेड फैक्ट्री निर्माण कार्य प्रगति पर है। इन परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में रोजगार के अवसर पैदा होंगे और उद्योगों की वृद्धि को प्रोत्साहन मिलेगा।
बैठक में शामिल अधिकारी
बैठक में सचिव उद्योग विनय शंकर पांडेय, विश्वास डाबर (उपाध्यक्ष, अवस्थापना अनुश्रवण परिषद), मुख्य सचिव आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम और उद्योग विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी अधिकारियों से राज्य में औद्योगिक विकास के साथ-साथ रोजगार सृजन और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए योजनाओं की गति को बढ़ाने के लिए कहा। इस दिशा में सरकार लगातार नए कदम उठा रही है ताकि राज्य को आर्थिक दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री की बैठक में की गई चर्चा और दिए गए निर्देश राज्य के विकास को नई दिशा देने के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। निवेशकों को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा की जा रही पहल और योजनाएं राज्य के उद्योग क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए अहम हैं। इस प्रकार के कदम न केवल राज्य में निवेश को बढ़ावा देंगे, बल्कि रोजगार के अवसरों को भी सृजित करेंगे।








