देहरादून। श्री बदरीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता हेमंत द्विवेदी ने उत्तराखंड सरकार के उस निर्णय का स्वागत किया है, जिसके तहत सरकारी विद्यालयों में गीता के श्लोकों का पाठ तथा रामायण और महाभारत को पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने इसे भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल बताया।
हेमंत द्विवेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देश में राज्य सरकार लगातार प्रदेश को प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ा रही है। यूसीसी, नकल विरोधी कानून और ‘जनता के द्वार’ जैसे कार्यक्रमों के साथ-साथ अब शिक्षा में संस्कारों को स्थान देना सरकार की दूरदर्शिता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि इस निर्णय के बाद बीकेटीसी द्वारा संचालित संस्कृत विद्यालयों और महाविद्यालयों में भी गीता पाठ को और अधिक प्राथमिकता दी जा रही है।
बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा कि गीता, रामायण और महाभारत केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं हैं, बल्कि ये जीवन जीने की कला, कर्तव्यबोध, अनुशासन, सत्य और कर्मयोग का मार्ग दिखाने वाले महान ग्रंथ हैं। इनके अध्ययन से विद्यार्थियों में नैतिकता, संस्कार, चरित्र निर्माण और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी। साथ ही नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ सकेगी।
उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था में भारतीय ज्ञान परंपरा को स्थान मिलना पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। यह पहल विद्यार्थियों को नैतिक रूप से सशक्त बनाने के साथ समाज में सकारात्मक सोच और समरसता को भी बढ़ावा देगी। हेमंत द्विवेदी ने विद्यालयों में गीता पाठ के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।








