गोपेश्वर।चमोली जिले में राजकीय शिक्षक संघ ने सोमवार से चॉक डाउन हड़ताल की शुरुआत कर दी है। संघ ने यह कदम प्रधानाचार्य पदों पर विभागीय सीधी भर्ती नियमावली के विरोध और अपनी लंबित मांगों को लेकर उठाया है। शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक कदम नहीं उठाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
संघ के जिलाध्यक्ष प्रदीप भंडारी और महामंत्री प्रकाश सिंह चौहान ने बताया कि संघ लंबे समय से मांग करता आ रहा है कि प्रधानाचार्य पदों पर सीधी भर्ती की नियमावली को निरस्त किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी स्तरों पर 100 प्रतिशत पदोन्नति और स्थानांतरण का प्रावधान होना चाहिए। लेकिन सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया, जिससे शिक्षकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
महामंत्री चौहान ने बताया कि हड़ताल का प्रथम चरण 24 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान शिक्षक चॉक डाउन और कार्य बहिष्कार करेंगे। 25 अगस्त को विकासखंड मुख्यालयों पर धरना और घेराव होगा, 27 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन होगा। वहीं 29 अगस्त को मंडल मुख्यालयों पर शिक्षक धरना देंगे। इसके बाद एक सितम्बर से शिक्षा निदेशालय देहरादून में जिलेवार धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आंदोलन की अवधि में शिक्षक किसी भी प्रकार के प्रशिक्षण, खेलकूद प्रतियोगिता या अतिरिक्त गतिविधियों में भाग नहीं लेंगे। इस मौके पर संयुक्त मंत्री मोहन सिंह नेगी, वृजमोहन सिंह रावत, बीएस नेगी, हरेंद्र सिंह रावत, अनिल कुमार सहित विकासखंड स्तर के ब्लॉक अध्यक्ष और मंत्री भी मौजूद रहे और उन्होंने अपने-अपने विद्यालयों में हड़ताल को समर्थन दिया।
संघ का कहना है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। शिक्षकों का आरोप है कि सीधी भर्ती से योग्य और लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के अधिकारों का हनन हो रहा है।








