देहरादून। जन समस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान की दिशा में देहरादून जिला प्रशासन ने एक बार फिर संवेदनशील और सक्रिय प्रशासन का उदाहरण पेश किया। सोमवार को जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में जनता दरबार का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 195 फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे।
जनता दरबार में भूमि विवाद, निजी भूमि का सीमांकन, अवैध कब्जे, आपसी विवाद, आर्थिक सहायता, रोजगार, शिक्षा, नगर निगम, एडीए सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतें प्रस्तुत की गईं। जिलाधिकारी ने सभी फरियादियों की बात गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनी तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
जनसुनवाई के दौरान समाज के कमजोर, बुजुर्ग, महिलाएं और पीड़ित वर्ग से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान दिया गया। जिलाधिकारी सविन बंसल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि महिलाओं, बुजुर्गों और कमजोर वर्ग की गरिमा, सम्मान और सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जनता दरबार केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि आमजन की समस्याओं के वास्तविक समाधान का मंच है। लापरवाही या टालमटोल की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग करने और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
जनता दरबार में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा, एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम विनोद कुमार, उप नगर आयुक्त संतोष कुमार पांडेय, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
जनता दरबार में पहुंचे फरियादियों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए समाधान की उम्मीद जताई।








