---Advertisement---

अग्निवीर दीपक सिंह की मौत: क्या अग्निपथ योजना देश के युवाओं के लिए संकट बन गई?

देहरादून। उत्तराखंड के चंपावत जिले के युवा अग्निवीर दीपक सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई दुखद मृत्यु ने प्रदेशभर में गहरा शोक और तीव्र आक्रोश पैदा कर दिया है। इस घटना को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदयाल ने केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सिर्फ एक परिवार का व्यक्तिगत नुकसान नहीं है, बल्कि पूरे उत्तराखंड और देश के युवाओं की सुरक्षा, उनके भविष्य और सैन्य संरचना से जुड़ा बड़ा मुद्दा है।

गणेश गोदयाल ने कहा कि अग्निवीर मॉडल पर आधारित अग्निपथ योजना अपनी शुरुआत से ही विवादों और अनिश्चितताओं से घिरी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने युवाओं के करियर और सेना की मजबूती जैसे अत्यंत संवेदनशील मुद्दों पर बिना ठोस तैयारी के एक खतरनाक प्रयोग शुरू कर दिया, जिसकी कीमत आज देश के युवा सैनिक अपनी जान देकर चुका रहे हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि चार साल की अल्पकालिक सेवा, पेंशन का अभाव, भविष्य की असुरक्षा, मानसिक तनाव और भारी अनिश्चितता ने इस योजना को युवाओं के लिए तनाव और जोखिम का पर्याय बना दिया है। “हमारे युवा सीमाओं पर अपनी जान दांव पर लगाते हैं, लेकिन सरकार उन्हें चार साल बाद सिर्फ ‘सेवा समाप्त’ का पत्र थमा देने की सोचती है। यह न सिर्फ अन्याय है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ भी है,” उन्होंने कहा।

उत्तराखंड, जो सदियों से सैनिकों और शहीदों की धरती माना जाता है, वहां इस घटना ने और गहरा असर छोड़ा है। गोदयाल ने कहा कि उत्तराखंड का हर परिवार सेना से जुड़ा है, इसलिए ऐसी घटनाएँ लोगों में असुरक्षा और अविश्वास पैदा करती हैं। “अग्निवीर दीपक सिंह की मौत ने अग्निपथ योजना की खामियों को फिर उजागर कर दिया है,” उन्होंने कहा।

गणेश गोदयाल ने इस संदर्भ में केंद्र सरकार के समक्ष निम्न मांगें रखीं:

1. अग्निवीर दीपक सिंह की मृत्यु की उच्च स्तरीय, पारदर्शी और निष्पक्ष जांच हो।
उन्होंने कहा कि परिवार और प्रदेश दोनों यह जानना चाहते हैं कि इस घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या थे।

2. परिवार को पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ उचित आर्थिक सहायता व जीवनभर सुरक्षा प्रदान की जाए।
गोदयाल ने कहा कि “शहादत किसी पदनाम से छोटी नहीं होती—हर जवान देश का सपूत होता है।”

3. केंद्र तत्काल अग्निपथ योजना की पुनर्समीक्षा (Review) या समाप्ति पर निर्णय ले।
उन्होंने आरोप लगाया कि योजना ने सेना की स्थायी संरचना को कमजोर किया है और इसका सीधा असर राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ रहा है।

4. सेना की भर्ती को पुराने स्थायी मॉडल में बहाल किया जाए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय सेना दुनिया की सबसे संगठित और प्रशिक्षित स्थायी सेनाओं में गिनी जाती थी, लेकिन अग्निपथ योजना ने उसकी इस छवि को प्रभावित किया है।

गणेश गोदयाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हर शहीद के परिवार के साथ खड़ी है और सरकार को इस मामले पर जवाबदेही तय करनी ही होगी। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आती घटनाएँ यह साबित करती हैं कि अग्निपथ योजना न तो युवाओं के भविष्य के लिए सुरक्षित है और न ही देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए उचित।

उन्होंने कहा, “यह समय सरकार को चेतावनी देने का है—देश के जवानों के भविष्य और राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ और प्रयोग स्वीकार नहीं किए जाएंगे। भाजपा सरकार को हर हाल में जवाब देना होगा कि युवाओं की जिंदगी कब तक प्रयोगशाला की तरह इस्तेमाल होती रहेगी।”

Related Post