नई दिल्ली। पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में जारी युद्ध के बीच भारत में पेट्रोलियम उत्पादों को लेकर किसी भी तरह की कमी नहीं है। केंद्र सरकार ने साफ किया है कि कच्चा तेल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
राजधानी में आयोजित अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में रोजाना करीब 50 लाख एलपीजी सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले पांच हफ्तों में लगभग 18 करोड़ घरों तक गैस सिलेंडर पहुंचाया गया है, जिससे सप्लाई चेन मजबूत बनी हुई है।
सुजाता शर्मा के अनुसार, भारत की एलपीजी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा मध्य-पूर्व से आता है, इसलिए युद्ध का असर जरूर पड़ा है। बावजूद इसके, सरकार ने अतिरिक्त कार्गो की व्यवस्था और अन्य कदम उठाकर आपूर्ति को स्थिर बनाए रखा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर के पास गैस की कमी नहीं है और ऑनलाइन बुकिंग दर भी 97 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
कमर्शियल एलपीजी को लेकर भी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। युद्ध के कारण सप्लाई प्रभावित होने पर पहले घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी गई, लेकिन अब कमर्शियल एलपीजी का आवंटन बढ़ाकर 70 प्रतिशत कर दिया गया है। पिछले तीन हफ्तों में 79,900 टन कमर्शियल एलपीजी की बिक्री हुई है, जिसमें 19 किलो के करीब 42 लाख सिलेंडर शामिल हैं।
इसके अलावा, 5 किलोग्राम वाले छोटे सिलेंडरों की उपलब्धता भी पर्याप्त बताई गई है। उपभोक्ता अब वैध पहचान पत्र के साथ किसी भी नजदीकी डिस्ट्रीब्यूटर से यह सिलेंडर खरीद सकते हैं, इसके लिए एड्रेस प्रूफ की आवश्यकता नहीं होगी। पिछले 14 दिनों में 6.75 लाख से अधिक छोटे सिलेंडरों की बिक्री दर्ज की गई है।
सरकार ने देशभर में जागरूकता अभियान भी तेज कर दिया है। बीते दो दिनों में 5,500 से अधिक कैंप लगाए गए हैं, जिससे लोगों को सही जानकारी दी जा सके और अफवाहों पर रोक लगाई जा सके।








