देहरादून। श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों के पुनर्निर्माण कार्यों को तेजी देने के लिए सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शुक्रवार को अपने शासकीय आवास पर कार्यदायी विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्माण कार्यों की समीक्षा की।
बैठक में निर्णय लिया गया कि क्षेत्र के तीनों विकासखंडों—श्रीनगर, पाबौं और बैजरों—में क्षतिग्रस्त मार्गों के प्रथम चरण के कार्यों के लिए 26 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसमें से 2 करोड़ रुपये टोकन मनी के रूप में जारी कर दिए गए हैं, जबकि शेष धनराशि स्वीकृत डीपीआर के अनुसार चरणबद्ध जारी होगी।
बैठक में लोक निर्माण विभाग, ब्रिडकुल और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने जानकारी दी कि आपदा से प्रभावित 27 मोटरमार्गों में से 26 पर यातायात बहाल कर दिया गया है। केवल एक मार्ग पर काम जारी है। अधिकांश सड़कों की डीपीआर तैयार कर शासन को भेज दी गई है, ताकि शीघ्र ही शेष धनराशि भी उपलब्ध कराई जा सके।
बैठक में विशेष रूप से जिन मार्गों पर चर्चा हुई, उनमें जगतपुर–बुंगीधार–नागचुलाखाल–महलचौरी, थलीसैण–मासौ–पीठसैण–जगतपुरी, सांकरसैण–बगड़ बरसीला, खिर्सू–खेड़ाखाल और डुंगरीपंथ–छातीखाल मोटरमार्ग शामिल रहे।
लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता राजेश शर्मा ने बताया कि आपदा मद से प्राप्त 2 करोड़ रुपये पहले ही तीनों प्रखंडों में बांटे जा चुके हैं, ताकि आवश्यक निर्माण कार्य शीघ्र शुरू हो सकें।
बैठक में अपर सचिव लोक निर्माण विभाग विनीत कुमार, एमडी ब्रिडकुल एन.पी. सिंह, मुख्य अभियंता राजेश शर्मा और खंड बैजरों के अधीशासी अभियंता उपस्थित रहे। जबकि श्रीनगर और पाबौं खंडों के अधीक्षण अभियंता ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया।
डॉ. रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में सड़क और पुलों का शीघ्र निर्माण लोगों की सुविधा और आर्थिक गतिविधियों के लिए बेहद जरूरी है।








