देहरादून। उत्तराखंड की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस नेत्री गरिमा मेहरा दसौनी ने भाजपा प्रवक्ता एवं विधायक विनोद चमोली द्वारा लगाए गए आरोपों पर कड़ा पलटवार किया है।
गरिमा दसौनी ने कहा कि भाजपा के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और यह जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान केवल राजनीतिक लाभ के लिए दिए जा रहे हैं, जिनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है।
उन्होंने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिस पार्टी का अतीत ही खरीद-फरोख्त, विधायकों की तोड़फोड़ और लोकतांत्रिक मूल्यों के हनन से जुड़ा रहा हो, उसे नैतिकता की बात करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में कई बार भाजपा ने सत्ता हासिल करने के लिए धनबल और दबाव का सहारा लिया है।
कांग्रेस नेत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने पूरी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करते हुए टिकट वितरण किया था। उन्होंने भाजपा से चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनके पास कोई ठोस प्रमाण हैं, तो उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए, न कि निराधार आरोपों के सहारे सुर्खियां बटोरी जाएं।
गरिमा ने प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों को उठाते हुए सरकार से सवाल किए। उन्होंने कहा कि राज्य में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है, महंगाई से आम जनता परेशान है और कानून व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है।
अंत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस इन आरोपों से घबराने वाली नहीं है। यदि भाजपा निष्पक्ष जांच की बात करती है, तो उसे अपने कार्यकाल के मामलों की भी जांच कराने का साहस दिखाना चाहिए। उन्होंने भाजपा को पहले आत्ममंथन करने की सलाह दी।








