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स्वच्छ रजरप्पा पर्यटन क्षेत्र परियोजना का शुभारंभ, सांसद मनीष जायसवाल ने कही बड़ी बात

रजरप्पा (रामगढ़)। हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद **मनीष जायसवाल** ने शुक्रवार को बहुप्रतीक्षित *“स्वच्छ रजरप्पा पर्यटन क्षेत्र परियोजना”* का शुभारंभ किया। यह महत्वाकांक्षी पहल रजरप्पा मंदिर और आसपास के पूरे पर्यटन क्षेत्र को स्वच्छ और आकर्षक बनाए रखने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

हाल ही में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL), रामगढ़ जिला प्रशासन और सेवा फाउंडेशन के बीच एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर हुए थे। इसी के तहत यह परियोजना अगले दो वर्षों तक सीसीएल के **कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) फंड** से संचालित होगी। परियोजना में पूरे रजरप्पा क्षेत्र की नियमित सफाई, कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण की व्यवस्था की जाएगी।

शुभारंभ समारोह में सीसीएल मुख्यालय के महाप्रबंधक (SD & CSR) सिद्धार्थ शंकर लाल, सीसीएल रजरप्पा क्षेत्र के महाप्रबंधक कल्याणजी प्रसाद, सेवा फाउंडेशन के चेयरमैन दीपक सिंह ठाकुर, सांसद प्रतिनिधि राजीव जायसवाल, सीएसआर अधिकारी आशीष झा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

अपने उद्बोधन में सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि **रजरप्पा मंदिर केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि झारखंड का प्रमुख पर्यटन स्थल भी है।** इसकी स्वच्छता और सुंदरता बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने आशा जताई कि यह परियोजना रजरप्पा को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगी।

मंदिर पुजारी समिति ने सीसीएल और प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रतिदिन आने वाले हजारों श्रद्धालुओं को अब स्वच्छ और पवित्र वातावरण मिलेगा, जिससे उनकी आस्था और भी प्रगाढ़ होगी। वहीं आगंतुकों ने भी सफाई व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल पर्यटन की रौनक को और बढ़ाएगी।

सेवा फाउंडेशन के चेयरमैन दीपक सिंह ठाकुर ने कहा कि संस्था पूरे समर्पण और निष्ठा के साथ अगले दो वर्षों तक इस परियोजना को संचालित करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि रजरप्पा क्षेत्र को स्वच्छ, सुरक्षित और आकर्षक बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।

इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष प्रवीण मेहता, पूर्व जिलाध्यक्ष चंद्र शेखर चौधरी, जिला महामंत्री राजू चतुर्वेदी, रजरप्पा मंदिर न्यास समिति के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यह पहल न केवल एक स्वच्छता अभियान है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने का संकल्प भी है।

 

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