---Advertisement---

एलओसी पर आतंकियों से भिड़ंत, भारतीय सेना का वीर सपूत शहीद

जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के उड़ी सेक्टर में बुधवार को भारतीय सेना ने आतंकियों की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया। यह घटना नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास हुई, जहां आतंकवादी गुपचुप तरीके से भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश कर रहे थे। सेना के सतर्क जवानों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की और घुसपैठियों का सामना किया।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, आतंकियों और भारतीय सैनिकों के बीच यह मुठभेड़ बेहद कम समय तक चली, लेकिन इस दौरान देश ने अपना एक वीर सपूत खो दिया। हमारे एक जवान ने अपनी जान की परवाह किए बिना देश की रक्षा में बहादुरी से लड़ते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। सेना ने उनके शौर्य को नमन करते हुए कहा कि उनका यह बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।

सेना ने मुठभेड़ के बाद इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है, ताकि बाकी आतंकियों को पकड़ा या मार गिराया जा सके। एलओसी पर ऐसे घुसपैठ के प्रयास पाकिस्तान की तरफ से लगातार किए जाते रहे हैं, लेकिन भारतीय सेना अपनी सजगता और रणनीतिक क्षमता से हर बार इन कोशिशों को विफल कर देती है।

उड़ी सेक्टर, जो 2016 के उड़ी हमले के बाद से सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है, में इस तरह की गतिविधि सुरक्षा एजेंसियों के लिए सतर्क रहने का संकेत है। सेना के मुताबिक, इस इलाके में खतरनाक मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जवान दिन-रात देश की रक्षा में तैनात रहते हैं।

देशभर से लोग सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से शहीद जवान को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के हमलों के पीछे सीमा पार से आतंकियों को भेजने की सुनियोजित साजिश है, जिसका जवाब सेना पूरी ताकत से देती रहेगी।

Related Post