देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार का महत्वाकांक्षी अभियान **‘जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार’** प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और त्वरित समाधान का प्रभावी उदाहरण बनकर सामने आया है। 15 जनवरी 2026 तक की दैनिक प्रगति रिपोर्ट यह स्पष्ट करती है कि सरकार सीधे जनता के बीच पहुँचकर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुन और सुलझा रही है।
इस कार्यक्रम के तहत प्रदेश के सभी जनपदों में अब तक कुल **347 शिविरों** का आयोजन किया जा चुका है। इनमें से 328 शिविर पूर्व में आयोजित हुए थे, जबकि आज 19 नए शिविर लगाए गए। इन शिविरों में नागरिकों की भारी भागीदारी देखने को मिली है। पिछले दिवस तक 2,54,137 लोग शिविरों में शामिल हुए थे, वहीं आज 23,517 नए प्रतिभागियों की सहभागिता रही। इस प्रकार कुल **2,77,654 नागरिकों** ने सीधे प्रशासन से संवाद कर अपनी समस्याएं रखीं, जो जनविश्वास का मजबूत संकेत है।
जनसमस्याओं के निस्तारण के मामले में भी यह अभियान बेहद प्रभावी साबित हुआ है। अब तक कुल **22,293 शिकायतें** दर्ज की गईं, जिनमें से **18,973 शिकायतों** का सफल समाधान किया जा चुका है। केवल आज ही 1,479 नई शिकायतें प्राप्त हुईं और 807 मामलों का त्वरित निस्तारण किया गया। यह आँकड़े सरकार की जवाबदेही और सक्रिय प्रशासनिक कार्यप्रणाली को दर्शाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा प्रमाण पत्र और सरकारी लाभ भी मौके पर ही प्रदान किए जा रहे हैं। अब तक **38,255 नागरिकों** को प्रत्यक्ष रूप से प्रमाण पत्र अथवा अन्य लाभ मिले हैं। इसके साथ ही, राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित नागरिकों की संख्या बढ़कर **1,51,565** तक पहुँच गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह अभियान केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता और सरकार के बीच विश्वास का मजबूत सेतु है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रदेशभर से मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया इस बात का प्रमाण है कि यह मॉडल आने वाले समय में सुशासन की मिसाल बनेगा।








