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चारधाम यात्रा 2026: रिकॉर्ड पंजीकरण और ग्रीन कार्ड का आगाज

 अब तक 10 लाख श्रद्धालुओं का पंजीकरण, यात्रा को लेकर भक्तों में अभूतपूर्व उत्साह
 परिवहन विभाग ने आज से शुरू कर की वाहनों के लिए अनिवार्य ग्रीन कार्ड प्रक्रिया
 19 अप्रैल से कपाट खुलेंगे, बिना पंजीकरण धामों में प्रवेश वर्जित, नियम पालन   अनिवार्य
 वेबसाइट, व्हाट्सएप और मोबाइल ऐप के माध्यम से घर बैठे आसानी से सुरक्षित   पंजीकरण कराएं

  विशेष संवाददाता, देहरादून

उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है और आज 30 मार्च से यात्रा की तैयारी अगले चरण में प्रवेश कर गई है। पर्यटन विभाग द्वारा बीते 6 मार्च से शुरू की गई पंजीकरण प्रक्रिया में अब तक 10 लाख से अधिक श्रद्धालु अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, जो आगामी सीजन की भव्यता का स्पष्ट संकेत है। इस बीच, आज सोमवार से परिवहन विभाग ने भी चारधाम जाने वाले वाहनों के लिए अनिवार्य ‘ग्रीन कार्ड’ बनाने की विंडो खोल दी है, जिससे ऋषिकेश और हरिद्वार के परिवहन कार्यालयों में हलचल तेज हो गई है। आगामी 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही इस पावन यात्रा का विधिवत आगाज हो जाएगा। विभाग को उम्मीद है कि जिस तरह से पंजीकरण की गति बढ़ रही है, इस साल 2025 के 51 लाख यात्रियों के रिकॉर्ड को पार कर एक नया इतिहास रचा जाएगा।
पंजीकरण के आंकड़ों पर गौर करें तो बाबा केदारनाथ के प्रति भक्तों की अटूट आस्था सबसे ऊपर दिखाई दे रही है। अब तक हुए कुल पंजीकरणों में अकेले केदारनाथ धाम के लिए 3 लाख 41 हजार से अधिक भक्तों ने आवेदन किया है, जबकि बदरीनाथ धाम के लिए भी 3 लाख का आंकड़ा पार हो चुका है। गंगोत्री और यमुनोत्री के लिए भी क्रमशः 1.86 लाख और 1.82 लाख पंजीकरण हो चुके हैं। हालांकि, 6 मार्च को जब पोर्टल खुला था, तब सर्वर पर भारी दबाव के कारण श्रद्धालुओं को कुछ तकनीकी चुनौतियों का सामना जरूर करना पड़ा था। उस समय एक ही दिन में सवा लाख से अधिक लोगों के लॉगिन करने से वेबसाइट की गति धीमी हो गई थी और ओटीपी मिलने में भी देरी हुई थी, लेकिन अब सिस्टम पूरी तरह सुचारू है। प्रशासन ने इन दिक्कतों से सबक लेते हुए ‘डेली स्लॉट मैनेजमेंट’ को और अधिक प्रभावी बनाया है ताकि धामों में भीड़ अनियंत्रित न हो।
आज से शुरू हुए वाहनों के ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड की प्रक्रिया को लेकर परिवहन विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। अब यात्री वाहनों की फिटनेस जांच के बाद ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से कार्ड जारी किए जा रहे हैं। पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल के अनुसार, ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया बेहद सफल रही है और 17 अप्रैल से ऋषिकेश व हरिद्वार में उन लोगों के लिए ऑफलाइन काउंटर भी खोल दिए जाएंगे जो तकनीकी कारणों से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य है और बिना इसके किसी भी श्रद्धालु को आगे जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। शासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए 24 घंटे सक्रिय हेल्पलाइन नंबर 0135-1364 को भी तैनात रखा है ताकि किसी भी आपात स्थिति या तकनीकी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके।
ऑनलाइन पंजीकरण सुचारू से किए जा रहे हैं। 17 अप्रैल से ऑफलाइन पंजीकरण शुरू किए जाएंगे। यात्रा के लिए पंजीकरण को अनिवार्य किया गया है। पंजीकरण की संख्या 10 लाख से अधिक हो गई है। यात्रा पर आने के लिए श्रद्धालुओं में काफी उत्साह है।’ -धीराज गर्ब्याल, पर्यटन सचिव, उत्तराखंड।धाम पंजीकरण
केदारनाथ 3,41,595
बदरीनाथ 3,00,329
गंगोत्री 1,86,875
यमुनोत्री 1,82,328
हेमकुंड साहिब 5,288

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