देहरादून:उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष भी श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और उत्साह का प्रतीक बनी रही। 30 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा के दौरान बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब जैसे धार्मिक स्थलों पर 41 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए हैं।
खराब मौसम नहीं रोक सका श्रद्धा का सैलाब
हालांकि यात्रा के दौरान मौसम की अनिश्चितताएं, भारी बारिश, भूस्खलन और मार्ग अवरोध जैसी चुनौतियाँ लगातार सामने आती रहीं, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ा। यात्रियों ने प्राकृतिक कठिनाइयों के बावजूद चारों धामों की यात्रा पूरी करने के लिए धैर्य और उत्साह बनाए रखा।
प्रदेश के पर्यटन विभाग के अनुसार, 30 अप्रैल से लेकर 27 जुलाई तक चारधाम यात्रा में अब तक का एक नया रिकॉर्ड बना है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष 2024 के मुकाबले अधिक तीर्थयात्री चारधाम पहुंचे हैं।
बढ़ी सुविधाएं, बेहतर प्रबंधन
राज्य सरकार और प्रशासन की ओर से यात्रियों की सुविधा के लिए सड़क, स्वास्थ्य, परिवहन और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को और सशक्त किया गया है। ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली, रियल टाइम ट्रैकिंग, हेल्पलाइन सेंटर, और दूरी तय करने वाले ई-रिकॉर्डिंग स्टेशनों के जरिये यात्रा को सुव्यवस्थित करने में सहायता मिली है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं और प्रशासन की सतर्कता के कारण इस बार यात्रा अधिक सुचारू और सुरक्षित रही है। उन्होंने तीर्थयात्रियों से यात्रा पूर्व मौसम की जानकारी लेने और सावधानी बरतने की अपील भी की है।
अभी बाकी है यात्रा का समय
चारधाम यात्रा आमतौर पर अक्टूबर-नवंबर में धामों के कपाट बंद होने तक चलती है। ऐसे में यह संभावना जताई जा रही है कि इस वर्ष कुल तीर्थयात्रियों की संख्या 50 लाख के पार जा सकती है। इसके साथ ही उत्तराखंड के पर्यटन और धार्मिक यात्रा सेक्टर को अर्थव्यवस्था और रोजगार के स्तर पर भी मजबूती मिल रही है।








