देहरादून। उत्तराखंड मंत्रिमंडल की हालिया बैठक में राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले लिए हैं। इनमें किसानों के लिए नई कृषि नीति से लेकर विद्यालयी शिक्षा, आवास, समाज कल्याण और कारागार प्रशासन तक से जुड़े अहम निर्णय शामिल हैं। आइए जानते हैं कैबिनेट के 6 बड़े फैसलों के बारे में—
कृषि एवं कृषि कल्याण विभाग
राज्य सरकार ने **उत्तराखंड महक क्रांति नीति 2026–2036** को मंजूरी दी है। इस नीति का लक्ष्य सगंध (खुशबूदार) फसलों के जरिए किसानों की आय दोगुनी करना है। प्रथम चरण में 91 हजार किसानों को जोड़ते हुए लगभग 22,750 हेक्टेयर भूमि को सगंध फसलों से आच्छादित किया जाएगा। नीति के तहत किसानों को खेती की लागत पर भारी सब्सिडी दी जाएगी—एक हेक्टेयर तक खेती पर 80% और उससे ऊपर की खेती पर 50% अनुदान।
विद्यालयी शिक्षा विभाग
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) उत्तराखंड द्वारा पीएम ई-विद्या कार्यक्रम के तहत फिलहाल पांच फ्री शैक्षिक टीवी चैनलों का प्रसारण किया जा रहा है। अब इस कार्यक्रम को और सुदृढ़ करने के लिए सुव्यवस्थित स्टूडियो स्थापित किया जाएगा। इसके लिए 8 पद सृजित किए जाएंगे, जिनमें संयुक्त निदेशक, उप निदेशक, सहायक निदेशक और चैनल समन्वयक जैसे पद शामिल हैं। साथ ही, तकनीकी स्टाफ को आउटसोर्स के जरिए नियुक्त किया जाएगा। सरकार का अनुमान है कि इस पर सालाना लगभग ₹10.56 लाख का खर्च आएगा।
आवास विभाग
**प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY)** के तहत उधमसिंहनगर जिले की रुद्रपुर तहसील के बागवाला गांव में 1872 किफायती आवास बनाए जा रहे हैं। परियोजना की संरचना में बदलाव होने के कारण अतिरिक्त ₹27.85 करोड़ का व्ययभार आएगा, जिसे राज्य सरकार वहन करेगी। इस कदम से निम्न आय वर्ग के परिवारों को किफायती आवास उपलब्ध होंगे।
बेसिक शिक्षा विभाग
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप, **उत्तराखंड राजकीय प्रारंभिक शिक्षा (अध्यापक) सेवा नियमावली** में संशोधन किया गया है। अब विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा के लिए प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक (विशेष शिक्षा) के पदों का प्रावधान किया गया है। साथ ही, सहायक अध्यापक प्राथमिक पद पर नियुक्ति हेतु सितम्बर 2017 से मार्च 2019 के बीच एनआईओएस द्वारा आयोजित ODL माध्यम से किए गए डीएलएड प्रशिक्षण को भी मान्यता दी गई है।
समाज कल्याण विभाग
राज्य सरकार ने विवाह अनुदान योजनाओं में बड़ा बदलाव किया है। अनुसूचित जाति/जनजाति की पुत्रियों की शादी, विधवाओं की पुत्रियों की शादी, अंतर्जातीय विवाह और अन्य योजनाओं के तहत पहले से ही ₹50,000 की सहायता दी जाती है। अब दिव्यांग युवक/युवती से विवाह करने वाले दंपति को भी ₹25,000 के बजाय ₹50,000 की सहायता मिलेगी। इस फैसले से समाज में दिव्यांगों के प्रति सकारात्मक संदेश जाएगा।
कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा
कारागार विभाग के ढांचे का पुनर्गठन करते हुए कई नए पदों को मंजूरी दी गई है। इनमें महिला प्रधान बंदीरक्षक के 2, महिला बंदीरक्षक के 22, अपर महानिरीक्षक कारागार (सुधारात्मक विंग), रेसिडेंट मेडिकल ऑफिसर और वैयक्तिक सहायक के 1-1 पद शामिल हैं। साथ ही, कारागार मुख्यालय और अधीनस्थ कारागारों में स्वच्छकार, माली और नाई जैसी सेवाएं अब आउटसोर्स से ली जाएंगी।








