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गोला में वज्रपात से दो किसानों के मवेशियों की मौत, मुआवजे की मांग तेज

गोला, झारखंड 

गोला प्रखंड के हेमतपुर गांव में मंगलवार शाम वज्रपात की चपेट में आकर दो किसानों के मवेशियों की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक और चिंता का माहौल है। प्रभावित किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है।

घटना की मुख्य बातें:

  • हेमतपुर गांव के झुबर महथा और राजेंद्र महथा के एक-एक मवेशी की वज्रपात से मौत।

  • दोनों मवेशी खेत के पास खलिहान में चर रहे थे, तभी आसमान से बिजली गिरी।

  • दोनों किसान आर्थिक रूप से कमजोर, खेती-किसानी ही आजीविका का एकमात्र जरिया।

किसानों की अपील:

झुबर महथा ने कहा:

“मवेशी ही हमारा सहारा था, उसी से खेती करते थे। अब कुछ भी नहीं बचा।”

राजेंद्र महथा ने भी सरकार से त्वरित मुआवजे की मांग की ताकि वे दोबारा मवेशी खरीद सकें और खेती जारी रख सकें।

ग्रामीणों और पंचायत का रुख:

  • ग्रामीणों ने प्रखंड प्रशासन और पशुपालन विभाग से घटना की जांच और मदद की मांग की है।

  • स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी प्रभावित किसानों को राहत देने की अपील की है।

लगातार बारिश से हालात खराब:

  • पिछले कुछ दिनों से इलाके में भारी बारिश जारी है।

  • जलजमाव, फसल बर्बाद और अब वज्रपात जैसी घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत।

प्रशासन से उम्मीदें:

  • आपदा राहत कोष से मुआवजे की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना।

  • अधिकारियों से घटनास्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।

वज्रपात से बचाव पर ज़ोर:

  • ग्रामीण इलाकों में जागरूकता की कमी, खुले में पशुओं को चराने से बढ़ रहा खतरा।

  • विशेषज्ञों का सुझाव: बिजली गिरने के समय मवेशियों को खुले में न छोड़ा जाए।

आपकी जानकारी के लिए:
सरकारी नियमों के अनुसार वज्रपात से पशुधन की मौत पर ₹30,000 तक का मुआवजा दिया जा सकता है, बशर्ते घटना की पुष्टि हो जाए।

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