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मजदूर यूनियन की आरोपों की कैग ने किया पुष्टि भाजपा सरकार को मजदूर विरोधी होने का लगाया आरोप

कांकेर।  राजमिस्त्री मजदूर रेजा कुली एकता यूनियन ने लंबे समय से भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल पर फंड का विधिवद्य व नियमानुसार खर्च नहीं करने का आरोप लगाते आए है। हाल ही में कैग की रिपोर्ट ने यूनियन की उपरोक्त आरोप की पुष्टि की है।
आज जारी एक प्रेस बयान में यूनियन के राज्य अध्यक्ष देवचंद भास्कर और महासचिव ओम प्रकाश देवांगन ने एक संयुक्त प्रेस बयान जारी कर कहा कि यूनियन लंबे समय से यह बात को उठाती रही है कि मंडल की राशि सिर्फ पंजीकृत श्रमिकों के कल्याणकारी योजनाओं हेतु खर्च करना है लेकिन मंडल के अधिकारी ने मंडल की राशि से सरकार के मंत्रियों की चेहरा को चमकाने के लिए प्रचार पर खर्चा किया है,प्रचार हेतु गैरकानूनी तरीके से किए गए खर्चों के कारण पंजीकृत श्रमिकों को विभिन्न योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि मजदूरों के लंबे संघर्ष के बाद निर्माण श्रमिकों के हितों में कुछ कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के सरकार बाध्य हुई।लेकिन कांग्रेस और भाजपा की सरकारें योजनाओं के पैसे को राजनैतिक लाभ हासिल करने के लिए प्रचार पर खर्च कर श्रमिकों के अधिकारों पर हमला किया है।
वर्तमान में भाजपा की सरकार उन योजनाओं में कटौती कर रही है। ठेकेदार और मालिकों के हितों में मजदूर संगठनों से मजदूरों को दूर रखने के लिए मजदूर पंजीयन में स्वघोषणा का प्रावधान कर गैर मजदूरों को राजनैतिक प्रभावशाली व्यक्तियों का पंजीयन कर उन्हें लाभ दिया जा रहा है।
यूनियन नेताओं ने कहा कि पहले पंजीयन होने के तीन माह बाद पंजीकृत मजदूरों को योजनाओं का लाभ मिलता है लेकिन भाजपा सरकार ने इस नियम को बदल कर अब एक वर्ष बाद योजनाओं के लाभ के पात्रता को अनिवार्य किया है,जो कि यह साबित करता है कि कम से कम मजदूरों को योजनाओं का लाभ मिल सके।
मजदूर नेताओं ने भाजपा सरकार पर तीखे प्रहार करते हुए कहा कि यह सरकार पूरी तरह से बड़े बड़े ठेकेदारों की सरकार है।उन बड़े ठेकेदारों के हितों में ही मजदूरों के अधिकारों पर हमला कर रही है।

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