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कांवड़ मेले में सेना की वीरता: BEG के जवानों ने 22 श्रद्धालुओं को डूबने से बचाया

हरिद्वार। श्रावण मास में हर साल आयोजित होने वाला कांवड़ मेला देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है। इस बार कांवड़ मेले में भारतीय सेना की भी महत्वपूर्ण भागीदारी देखने को मिल रही है। बंगाल इंजीनियरिंग ग्रुप (BEG) के तैराक दलों ने अब तक 22 कांवड़ियों की जान बचाकर मानवता और सेवा का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया है।

🇮🇳 सेना की मुस्तैदी से बचीं 22 ज़िंदगियाँ

कांवड़ मेले के दौरान लाखों की संख्या में शिवभक्त गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंचते हैं। श्रद्धालु गंगा में स्नान और जल भरने के दौरान अक्सर अनजाने में गहरे जल में चले जाते हैं या तेज बहाव में बहने लगते हैं। ऐसे में BEG के तैराक दल, जो मोटर बोट और रेस्क्यू उपकरणों से लैस हैं, गंगा के विभिन्न घाटों पर तैनात होकर हर समय राहत और बचाव कार्य में सक्रिय रहते हैं।

इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव डॉ. नरेश चौधरी के संयोजन में चल रही इस व्यवस्था में सेना का योगदान अभूतपूर्व रहा है। अब तक 22 कांवड़ियों को डूबने से बचाकर प्राथमिक उपचार के उपरांत सुरक्षित गंतव्य पर भेजा गया।

 कहाँ-कहाँ तैनात हैं तैराक दल?

BEG आर्मी तैराक दल हरिद्वार के प्रमुख घाटों पर तैनात हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • हर की पैड़ी

  • गऊ घाट

  • सुभाष घाट

  • सीसीआर घाट

  • कुशा घाट

  • हाथी पुल घाट

  • रोडी बेलवाला घाट

  • राम घाट

  • विष्णु घाट

  • हनुमान घाट

  • बिरला घाट

  • अलकनंदा घाट

इसके अतिरिक्त, रुड़की गंगनहर क्षेत्र में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है:

  • गणेश पुल

  • सोलानी पुल

  • पिरान कलियर

  • धनौरी क्षेत्र

यह सभी स्थल सेना की निगरानी और तत्परता के चलते पूरी तरह सुरक्षित बनाए जा रहे हैं।

प्रशासन और सेना का संयुक्त प्रयास

हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की पहल पर इस सुरक्षा अभियान को गति मिली। उन्होंने BEG कमांडेंट ब्रिगेडियर केपी सिंह, कर्नल अभिषेक पोखरियाल, ले. कर्नल विवेक सिंह, और मेजर एलपी कांबोज के साथ समन्वय स्थापित कर सेना को घाटों पर तैनात कराया।

इस अभियान में निम्नलिखित जवानों की सक्रिय भूमिका रही:

  • सूबेदार लखबीर सिंह

  • नायब सूबेदार कुलविंदर सिंह

  • हवलदार तन्मय

  • हवलदार अनिल कुमार

  • लांस नायक अमित कुमार यादव

  • सोमनाथ, प्रमोद चंद्र, अनिल कुमार

  • राजेश कुमार, हवलदार त्रिलोक सिंह

  • नायक जगमीत सिंह

  • सैपर सुरेंद्र सिंह

  • सैपर गुड्डू सिंह

इन सभी सैनिकों ने न सिर्फ अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई, बल्कि संकट की घड़ी में त्वरित कार्रवाई करके 22 परिवारों को अपार दुख से बचा लिया।

रेडक्रॉस ने निभाई अहम भूमिका

घाटों पर तैनात रेडक्रॉस स्वयंसेवकों ने रेस्क्यू किए गए कांवड़ियों को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया, जिसके बाद उन्हें उनके गंतव्य की ओर भेजा गया। रेडक्रॉस की यह सेवा सेना के साथ मिलकर एक बेहतरीन उदाहरण बनी है, जिसमें शासन, प्रशासन और सुरक्षा बल मिलकर आम जनता की सुरक्षा में लगे हैं।

 सेना का मानवीय चेहरा

सेना का यह योगदान यह दर्शाता है कि देश की सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ वह सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में भी अपनी भूमिका बखूबी निभा रही है। BEG के जवानों की सतर्कता ने न सिर्फ श्रद्धालुओं की जान बचाई, बल्कि श्रद्धालुओं में सुरक्षा और विश्वास का माहौल भी बनाया।

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