देहरादून। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पार्टी की आंतरिक स्थिति पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि 2027 में जीत के सपने देखने वाली पार्टी की वास्तविकता अब जनता के सामने स्पष्ट हो चुकी है।
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कांग्रेस की मौजूदा स्थिति की तुलना कहावत “सूत न कपास, जुलाहों में लट्ठम लट्ठा” से करते हुए कहा कि पार्टी में नेतृत्व और विचारधारा की कमी साफ नजर आ रही है। उनके अनुसार कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान और गुटबाजी से यह स्पष्ट हो गया है कि संगठन में एकजुटता का अभाव है।
भट्ट ने कहा कि हाल के दिनों में कांग्रेस में जितने लोग शामिल हुए हैं, उससे कहीं अधिक संख्या में नेताओं के पार्टी छोड़ने की संभावना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्धांत और स्पष्ट नेतृत्व के अभाव में ऐसी परिस्थितियां स्वाभाविक रूप से उत्पन्न होती हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के 15 दिन के मौन व्रत और राजनीतिक संन्यास के संकेतों पर प्रतिक्रिया देते हुए भट्ट ने उनकी वरिष्ठता का सम्मान करते हुए सहानुभूति भी जताई, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि राजनीति में किए गए पूर्व बयानों और निर्णयों का परिणाम समय आने पर सामने आता ही है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन नेताओं को कभी रावत ने ‘उज्याडू बेल’, ‘फुके कारतूस’ और ‘विष पुरुष’ जैसे शब्दों से संबोधित किया था, वही आज उनके खिलाफ खड़े नजर आ रहे हैं। यह स्थिति उस कहावत की तरह है कि “बोए पेड़ बबूल का तो आम कहां से होय।”
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि प्रदेश की जनता कांग्रेस की इस स्थिति को भलीभांति समझ रही है और आने वाले समय में इसका असर चुनावी राजनीति पर भी दिखाई देगा।








