---Advertisement---

चाईबासा सदर अस्पताल कांड पर भाजपा का हल्ला बोल,  “झारखंड के अस्पताल वेंटिलेटर पर, स्वास्थ्य मंत्री हों बर्खास्त

रांची। चाईबासा सदर अस्पताल में थैलीसीमिया पीड़ित आदिवासी बच्चों को कथित रूप से एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाए जाने की घटना को लेकर पूरे झारखंड में आक्रोश फैल गया है।

इस घटना के विरोध में शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) रांची महानगर जिला इकाई ने एक दिवसीय धरना दिया और राज्यपाल के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

धरना का नेतृत्व महानगर अध्यक्ष वरुण साहू ने किया, जबकि कार्यक्रम में रांची विधायक सी.पी. सिंह, विनय महतो धीरज, बलराम सिंह, जितेंद्र वर्मा, प्रतुल शाहदेव, संदीप वर्मा, राफिया नाज, राजू सिंह सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

धरना को संबोधित करते हुए विधायक सी.पी. सिंह ने चाईबासा की घटना को “अमानवीय और शर्मनाक” बताया। उन्होंने कहा कि थैलीसीमिया पीड़ित मासूमों को एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाया जाना राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की भयावह स्थिति को उजागर करता है। सिंह ने कहा — “यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि पूरे राज्य के अस्पतालों की हालत की झलक है। झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर है।”

उन्होंने इस गंभीर लापरवाही के लिए सीधे तौर पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को जिम्मेदार ठहराया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उन्हें तुरंत बर्खास्त करने की मांग की।

महानगर अध्यक्ष वरुण साहू ने कहा कि राज्य की चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है और मरीज बेहाल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री अस्पतालों की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय “रील बनाने” में व्यस्त हैं। साहू ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले ही 2013 में झारखंड सरकार को ब्लड बैंकों में सुधार के निर्देश दिए थे, लेकिन राज्य सरकार ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की।

भाजपा ने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है ताकि पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों को न्याय मिल सके और दोषियों को सजा दी जा सके। पार्टी नेताओं ने कहा कि यह मामला सिर्फ चिकित्सा लापरवाही नहीं, बल्कि मानवता के खिलाफ अपराध है।

Related Post