देहरादून जिले में महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एक नई पहल की गई है। अब आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सर्वाइकल कैंसर की प्रारंभिक जांच भी की जा सकेगी। इसके लिए जनपद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। गुरुवार को डोईवाला और रायपुर ब्लॉक के सीएचओ को यह प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए बताया कि अब तक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में स्तन कैंसर और मुख कैंसर की प्रारंभिक जांच की सुविधा उपलब्ध थी। लेकिन अब गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत सर्वाइकल कैंसर की भी जांच शुरू की जा रही है। इससे बड़ी संख्या में महिलाओं को लाभ मिलेगा और बीमारी का पता शुरुआती चरण में ही चल सकेगा। समय रहते पहचान होने पर मरीजों को आगे के इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया जा सकेगा।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एनएचएम) डॉ. निधि रावत ने जानकारी दी कि जिले के सभी सीएचओ को पांच बैचों में यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके लिए उन्हें वीआईए किट उपलब्ध कराई गई है, जिससे समुदाय स्तर पर ही जांच संभव हो सकेगी।
वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ और मुख्य प्रशिक्षक डॉ. मेघना असवाल ने बताया कि इस प्रशिक्षण से स्वास्थ्य अधिकारी समुदाय स्तर पर ही सर्वाइकल कैंसर की पहचान कर पाएंगे। इससे महिलाओं को प्रारंभिक अवस्था में ही उपचार उपलब्ध कराना संभव होगा और गंभीर जटिलताओं से बचाया जा सकेगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला सलाहकार अर्चना उनियाल, सीपीएचसी समन्वयक मनोज खंडूरी समेत रायपुर और डोईवाला ब्लॉक के सभी सीएचओ मौजूद रहे। यह पहल महिलाओं की स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे जनपद देहरादून में कैंसर नियंत्रण के प्रयास और अधिक प्रभावी होंगे।








