रामगढ़ जिले में खनन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व संग्रहण के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उपायुक्त रामगढ़ द्वारा आयोजित मासिक बैठकों में दिए गए दिशा-निर्देशों और लगातार अनुश्रवण का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। जिला खनन कार्यालय ने इस वर्ष निर्धारित लक्ष्य 1193 करोड़ रुपये के मुकाबले 1403 करोड़ रुपये की वसूली की, जो लक्ष्य का 117 प्रतिशत है।
पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 863 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह हुआ था। इस तुलना में इस वर्ष 540 करोड़ रुपये की अधिक वसूली की गई है, जो लगभग 63 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है। यह उपलब्धि जिले में खनन गतिविधियों के बेहतर प्रबंधन और निगरानी का परिणाम मानी जा रही है।
इसके अतिरिक्त, जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) मद में भी इस वर्ष 203 करोड़ रुपये की आय दर्ज की गई है, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 171 करोड़ रुपये था। इस प्रकार DMFT मद में 32 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वृद्धि हुई है, जिससे विकास कार्यों को और गति मिलने की उम्मीद है।
अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की गई है। इस वित्तीय वर्ष में कुल 63 प्राथमिकियां दर्ज की गईं और 106 वाहनों को जब्त किया गया। वहीं अवैध परिवहन के मामलों में 29 वाहनों से 5.02 लाख रुपये की वसूली की गई। इसके अलावा, अवैध रूप से जमा किए गए पत्थर और बालू की नीलामी से 66.44 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है।
प्रशासन ने बालू घाटों के प्रबंधन में भी पारदर्शिता बनाए रखी है। उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय नीलामी समिति द्वारा इस वर्ष कुल 6 बालू घाटों की सफलतापूर्वक नीलामी की गई। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी इसी तरह सख्ती और पारदर्शिता के साथ कार्य जारी रहेगा।








