देहरादून।
प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड में 4 हजार से अधिक नई बहुउद्देश्यीय प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) का गठन किया जाएगा। इस संबंध में उन्होंने आज अपने शासकीय आवास पर सहकारिता विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक ली।
बैठक में सहकारिता मंत्री ने प्रदेश में 4571 नई पैक्स समितियों के गठन, सहकारी क्षेत्र में अनाज भंडारण योजना, तीन नई राष्ट्रीय सहकारी समितियों के गठन, एनसीईआरटी की गतिविधियों में राज्य की भागीदारी तथा फरवरी माह में गुजरात में प्रस्तावित राष्ट्रीय सहकारिता सम्मेलन की तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गुजरात सम्मेलन से जुड़े सभी कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण किए जाएँ।
डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र को पारदर्शी, सुदृढ़ और आत्मनिर्भर बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और सतत निगरानी बेहद आवश्यक है।
बैठक में सचिव सहकारिता डॉ. इकबाल अहमद ने जानकारी दी कि 4571 पैक्स गठन के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 621 नई पैक्स समितियों का गठन किया जा चुका है। राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए अधिकतम 643 नई पैक्स के गठन का प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें अधिकांश लक्ष्य पूरे कर लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि निबंधक कार्यालय के निर्माण के लिए चिन्हित भूमि पर शीघ्र निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही जिला सहकारी बैंकों में वर्ग-एक, दो और तीन के 177 रिक्त पदों पर आईबीपीएस के माध्यम से भर्ती की जाएगी।
निबंधक सहकारिता डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि सहकारी संस्थाओं के डिजिटलीकरण और मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण से सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिल रही है। अनाज भंडारण योजना के तहत हरिद्वार की चार पैक्स में 1000 मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों के लिए भूमि चयन और डीपीआर तैयार कर ली गई है। वहीं राज्य के 95 विकासखंडों में 50 से 500 मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों के निर्माण की प्रक्रिया जारी है।
सहकारिता मंत्री ने कहा कि दो सप्ताह बाद पुनः समीक्षा बैठक कर प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा।








