---Advertisement---

स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव! सरकार ने 30 विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती क्यों की?

देहरादून। उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के स्वास्थ्य विभाग को 30 नए विशेषज्ञ चिकित्सक मिल गए हैं। इन चिकित्सकों की तैनाती को स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने मंजूरी प्रदान कर दी है। इससे प्रदेश के विभिन्न जिलों में चिकित्सा सुविधाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, ये सभी चिकित्सक पोस्ट ग्रेजुएशन पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद राज्य सेवा में लौटे हैं। इन्हें उनकी विशेषज्ञता के अनुरूप अलग-अलग जनपदों में एक यूनिट के रूप में तैनात किया गया है, ताकि आपसी समन्वय बेहतर रहे और मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके। सरकार का उद्देश्य है कि दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं पहुंचाई जा सकें।

नई तैनाती के तहत बागेश्वर में ईएनटी, स्त्री एवं प्रसूति रोग (ऑब्स एंड गायनी) और एनेस्थीसियोलॉजी विशेषज्ञों को भेजा गया है। वहीं पौड़ी में जनरल सर्जरी, रेस्पिरेटरी मेडिसिन, ऑर्थोपेडिक्स सहित अन्य विशेषज्ञों की नियुक्ति की गई है। पिथौरागढ़ में पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और फॉरेंसिक मेडिसिन के विशेषज्ञ तैनात किए गए हैं।

इसी तरह रुद्रप्रयाग, हरिद्वार, उत्तरकाशी, चमोली और देहरादून जिलों में भी विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ चिकित्सकों को नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों से जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को अब बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और गुणवत्ता सुधार को लेकर लगातार प्रयासरत है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ने से मरीजों को बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी और स्थानीय स्तर पर ही बेहतर उपचार संभव हो सकेगा।

उन्होंने यह भी बताया कि सरकार का लक्ष्य प्रत्येक चिकित्सा इकाई में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती सुनिश्चित करना है, ताकि प्रदेश के हर नागरिक को सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। इस पहल से न केवल चिकित्सा ढांचा मजबूत होगा, बल्कि आम जनता को भी सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।

Related Post