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रुड़की से हरिद्वार तक निकली अस्थि कलश यात्रा, गंगा में विसर्जन कर दी गई अज्ञात दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि

रुड़की। सोलानी नदी श्मशान घाट समिति, रुड़की द्वारा पांचवीं बार अज्ञात दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए अस्थि कलश विसर्जन यात्रा निकाली गई। इस दौरान लगभग 50 अस्थि कलश हरिद्वार ले जाकर गंगा में प्रवाहित किए गए।

नगर से यात्रा प्रस्थान से पूर्व समिति द्वारा श्मशान घाट परिसर में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। पंडित रमेश शर्मा ने वेद मंत्रों और विधि-विधान के साथ लावारिस दिवंगत आत्माओं के मोक्ष और शांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद कलशों को कलश यात्रा के रूप में हरिद्वार रवाना किया गया।

समिति अध्यक्ष ठाकुर मांगू सिंह ने बताया कि सभी अज्ञात दिवंगतों का हिंदू धार्मिक परंपराओं के अनुरूप अंतिम संस्कार किया गया था। पूर्ण विधि-विधान के बाद कलश विसर्जन यात्रा आयोजित कर गंगा में अस्थियों को प्रवाहित किया गया। उन्होंने कहा कि यह परंपरा न केवल धार्मिक आस्था को जीवित रखती है, बल्कि समाज में करुणा और संवेदना का संदेश भी देती है।

इस अवसर पर पूर्व मेयर गौरव गोयल और वरिष्ठ समाजसेवी इंजीनियर चैरब जैन भी उपस्थित रहे। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और सभी लावारिस अस्थियों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

श्रद्धा और भावनाओं से भरे इस कार्यक्रम में समिति के महामंत्री श्याम सिंह, योगेंद्र प्रताप, करण सिंह, संजय सेवक, चिंकू कश्यप, कमल स्नेही, नवीन बजरंगी, महेश ठाकुर, विकास सैनी, विशाल कुमार, अधिराज ठाकुर, नमनश्री, तुषार गोयल और इमरान देशभक्त सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

हरिद्वार पहुंचकर गंगा में अस्थि विसर्जन के साथ कलश यात्रा संपन्न हुई। इस पहल ने समाज में उन दिवंगत आत्माओं के प्रति सम्मान और संवेदना को पुनः प्रकट किया जिनके अपने उन्हें अंतिम विदाई नहीं दे सके।

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