देहरादून।भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने अंकिता भंडारी मामले को लेकर इंडी गठबंधन द्वारा बुलाई गई महापंचायत पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे अस्तित्व की तलाश में जुटे राजनीतिक दलों का जमावड़ा बताते हुए कहा कि इन दलों को पहले अपने-अपने घरों में पंचायत करने की आवश्यकता है।
मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि अंकिता भंडारी मामले में अब सीबीआई जांच विधिवत रूप से शुरू हो चुकी है। पूर्व में यही दल सीबीआई जांच की मांग को लेकर संशय और अविश्वास की राजनीति कर रहे थे, लेकिन जैसे ही जांच शुरू हुई, वे बैकफुट पर आ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों का उद्देश्य अंकिता को न्याय दिलाना नहीं, बल्कि इस संवेदनशील मुद्दे के बहाने अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराना है।
चौहान ने कहा कि इंडी गठबंधन में शामिल बामपंथी दलों के साथ कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की वास्तविकता से प्रदेश की जनता भली-भांति परिचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी का उत्तराखंड विरोधी इतिहास रहा है, जबकि कांग्रेस अवसरवादी राजनीति और दुष्प्रचार के सहारे माहौल बिगाड़ने का प्रयास करती रही है। बामपंथी दल इन एजेंडों को हवा देने का काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक सीबीआई जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले ये दल, अब जब जांच शुरू हो चुकी है, तो उसी जांच पर सवाल खड़े कर रहे हैं। यह विरोधाभास उनकी मंशा को उजागर करता है। कांग्रेस नेता हरदा के बयान पर पलटवार करते हुए चौहान ने कहा कि एक ओर जांच की मांग और दूसरी ओर जांच पर ही संदेह जताना दोहरे चरित्र का प्रमाण है।
मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में कानून का राज है। चाहे कोटद्वार की घटना हो या मसूरी में मजार से जुड़ा मामला, कानून अपना काम कर रहा है। किसी को भी उत्तराखंड के शांतिपूर्ण वातावरण को बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि तुष्टिकरण की राजनीति के तहत कुछ दल कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने और जनता को उकसाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। चौहान ने विश्वास जताया कि सीबीआई जांच के माध्यम से सभी तथ्यों का खुलासा होगा और अंकिता के नाम पर की जा रही राजनीति को जनता करारा जवाब देगी, क्योंकि अब जनता इनकी मंशा और राजनीति को भली-भांति समझ चुकी है।








