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हर्षिल घाटी में आर्मी कैंप बहा? बादल फटने के बाद बढ़ा खतरा, कई जवान लापता! जानें रेस्क्यू का हाल

उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद में स्थित **हर्षिल घाटी** और **धराली** क्षेत्र में मंगलवार को प्रकृति का भयानक रूप देखने को मिला। दोपहर के समय अचानक बादल फटने से **खीर गंगा** समेत तमाम गाड़-गधेरों (छोटे नालों) में उफान आ गया। हर्षिल घाटी की **जलंधरी नदी** भी पूरी तरह उफान पर है, जिससे कई घर और पेड़ बह गए हैं।

सबसे चिंता की बात यह है कि इस प्राकृतिक आपदा में **हर्षिल स्थित आर्मी बेस कैंप** भी चपेट में आ गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, **सेना के कई जवानों के लापता होने** की आशंका जताई जा रही है।

भागीरथी नदी पर बनी झील, और बढ़ा खतरा

हर्षिल के पास भागीरथी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे नदी का बहाव रुक गया और वहां एक अस्थायी झील बन गई है। अगर यह झील टूटती है तो नीचे बसे क्षेत्रों में भारी तबाही हो सकती है। **सुक्की टॉप** के दूसरी ओर भी **धों गाड़** नामक बरसाती नाला बेहद उफान पर है।

प्रशासन ने तुरंत संभाला मोर्चा, कई अधिकारी भेजे गए

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शासन ने आपदा राहत और बचाव कार्यों को तेजी देने के लिए कई वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर भेजा है। इनमें आईएएस अधिकारी अभिषेक रूहेला, डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट, और गौरव कुमार के अलावा पुलिस विभाग से प्रदीप कुमार राय, अमित श्रीवास्तव और सुरजीत सिंह पंवार को विशेष कार्यभार सौंपा गया है। ये सभी अधिकारीगढ़वाल आयुक्त और पुलिस महानिरीक्षक के निर्देशों में कार्य करेंगे।

SDRF और प्रशासन की टीमें रेस्क्यू में जुटीं

आपदा की सूचना मिलते ही **एसडीआरएफ की टीमें** भटवाड़ी और गंगोत्री पोस्ट से रेस्क्यू उपकरणों के साथ मौके पर पहुंच गईं। राहत की बात यह है कि अब तक 60 से 70 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। रेस्क्यू टीम सैटेलाइट फोन के माध्यम से लगातार संपर्क में है और लगातार राहत कार्य जारी है।

आसपास के गांवों में पसरा सन्नाटा

धराली, हर्षिल और सुक्की क्षेत्र के आसपास बसे गांवों में डर और सन्नाटा है। लोगों को ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। लगातार हो रही बारिश के चलते राहत कार्यों में भी बाधाएं आ रही हैं।

अब आगे क्या?

प्रशासन और सेना मिलकर हालात को नियंत्रित करने में जुटे हैं। लेकिन झील के टूटने का खतरा, मौसम की अनिश्चितता और बर्फीले क्षेत्र में रेस्क्यू की कठिनाई हालात को चुनौतीपूर्ण बना रहे हैं।

सरकार ने लोगों से अफवाहों से दूर रहकर प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। हर्षिल घाटी में फिलहाल हर पल भारी है।

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