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ग्रामीण जागरूकता की मिसाल: छात्रों ने कैसे बदला गांव का माहौल?

राधा गोविंद विश्वविद्यालय के शिक्षा एवं कृषि विभाग की ओर से बुधवार को सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत रैली एवं नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय परिसर से प्रारंभ हुई यह रैली बूढ़ा खुखरा गांव पहुंची, जहां छात्रों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को सतर्कता, ईमानदारी और पारदर्शिता के महत्व से अवगत कराया।

कार्यक्रम पर अपनी शुभकामनाएं देते हुए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति **बी. एन. साह** ने कहा कि नुक्कड़ नाटक समाज में जागरूकता फैलाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। इसका उद्देश्य हर व्यक्ति के भीतर सतर्क रहने और भ्रष्टाचार के विरुद्ध खड़े होने की भावना को मजबूत करना है।

विश्वविद्यालय की सचिव **प्रियंका कुमारी** ने कहा कि छात्रों ने जीवंत अभिनय के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया कि ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा समाज की नींव हैं। इनके बिना एक स्वस्थ और पारदर्शी व्यवस्था की कल्पना अधूरी है।

कार्यक्रम को हरी झंडी दिखाते हुए कुलपति **प्रो. (डॉ.) रश्मि** ने कहा कि सतर्क रहना केवल कुछ संस्थाओं या व्यक्तियों का दायित्व नहीं, बल्कि हर नागरिक की संयुक्त जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त और सुरक्षित समाज का निर्माण तभी संभव है जब सभी लोग सक्रिय रूप से अपना योगदान दें।

रैली के दौरान छात्रों ने नारों और बैनरों के जरिए जनता को सतर्कता का संदेश दिया, वहीं नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भ्रष्टाचार से लड़ने के व्यवहारिक उपाय भी समझाए। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. (डॉ.) निर्मल कुमार मंडल, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. डॉ. अशोक कुमार समेत कई अधिकारी, व्याख्याता और प्रशिक्षु उपस्थित रहे।

 

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