देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के सेलाकुई क्षेत्र से घरेलू हिंसा का एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि एक विवाहिता को उसके पति, सास और ससुर ने लगभग 10 महीने तक घर के एक कमरे और शौचालय में कैद कर अमानवीय यातनाएं दीं। घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़िता के पिता, जो सेना से सेवानिवृत्त हवलदार हैं, ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उनके अनुसार, उनकी बेटी को पिछले करीब 300 दिनों से ससुराल में बंधक बनाकर रखा गया था। उसे पर्याप्त भोजन तक नहीं दिया जाता था। खाने के नाम पर केवल कच्चे चावल, प्याज, नमक और हरी मिर्च दी जाती थी। इतना ही नहीं, महिला को उसके नवजात जुड़वां बच्चों से भी अलग कर दिया गया था, जिससे वह मानसिक रूप से बुरी तरह टूट चुकी थी।
मामला तब सामने आया जब 26 मई को पीड़िता के पिता स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बेटी के घर पहुंचे। वहां उन्होंने बेटी को बेहद दयनीय हालत में पाया। बताया गया कि महिला की मानसिक स्थिति इतनी खराब हो चुकी थी कि वह दिन और तारीख तक भूल चुकी थी। उसके शरीर पर डंडों, पाइप और लोहे के तारों से मारपीट के निशान भी पाए गए।
रेस्क्यू के बाद महिला का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें चोटों की पुष्टि हुई। इसके आधार पर पुलिस ने पति राहुल खंडूड़ी, सास और ससुर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना घरेलू हिंसा के भयावह स्वरूप को उजागर करती है और समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।








