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‘गौ हत्या’ का आरोप बना दबाव का हथियार? ठेकेदार बनाम प्रशासन आमने-सामने

हल्द्वानी।  गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय इन दिनों एक ठेकेदार और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच विवाद को लेकर सुर्खियों में है। प्रशासन ने संबंधित ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि चार करोड़ रुपये से अधिक का ठेका मिलने के बावजूद उन्होंने नियमों की अनदेखी की और विश्वविद्यालय की संपत्ति पर अवैध कब्जा कर लिया।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, ठेकेदार ने परिसर स्थित एक आवास में अवैध निर्माण कराया और करीब दो बीघा सरकारी भूमि पर भी कब्जा कर रखा है। जब इस मामले में प्रशासनिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई, तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। अधिकारियों का आरोप है कि ठेकेदार ने कार्रवाई से बचने के लिए एक संवेदनशील मुद्दे को उछालकर दबाव बनाने की कोशिश की।

सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में विश्वविद्यालय परिसर में आवारा कुत्तों द्वारा कहीं और से गोवंश के अवशेष लाए जाने की घटना सामने आई थी। प्रशासन का दावा है कि इस घटना को तथ्यों से अलग तरीके से प्रस्तुत कर ‘गौ हत्या’ का आरोप लगाया गया, ताकि मामले को तूल देकर प्रशासन पर दबाव बनाया जा सके।

हालांकि, ठेकेदार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने कोई अतिक्रमण नहीं किया है और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

मामले ने विश्वविद्यालय परिसर में हलचल मचा दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में अवैध कब्जा या नियमों का उल्लंघन सिद्ध होता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, ठेकेदार ने भी कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।

 

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