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कलेक्टर को शिकायत के बाद पलटी तस्वीर! प्लेसमेंट कर्मचारियों को अचानक मिले ESI कार्ड, लेकिन…

कांकेर। लंबे समय से अपने अधिकारों को लेकर संघर्ष कर रहे कांकेर नगर पालिका के प्लेसमेंट कर्मचारियों को आखिरकार ईएसआई कार्ड मिल गए हैं। यह वितरण कलेक्टर से शिकायत और संभावित अनियमितताओं की जांच की मांग के बाद तेजी से किया गया। हालांकि कर्मचारियों और यूनियन पदाधिकारियों ने इन कार्डों में गंभीर त्रुटियों को लेकर गहरी नाराजगी जताई है।

छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय कर्मचारी यूनियन के राज्य अध्यक्ष द्वारका कोसरिया और महासचिव भाव सिंह कश्यप ने जारी प्रेस बयान में बताया कि कुछ दिनों पहले यूनियन ने ईएसआई फंड में संभावित घोटाले का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था। इस ज्ञापन के बाद कलेक्टर ने जांच का आश्वासन दिया था। इसी दबाव के बाद ठेकेदार ने अचानक से नगर पालिका के प्लेसमेंट कर्मचारियों के बीच ईएसआई कार्ड वितरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी।

सभी कार्डों में भारी त्रुटियाँ, कर्मचारियों ने जताया विरोध

यूनियन नेताओं ने बताया कि कर्मचारियों को दिए गए सभी कार्ड त्रुटियों से भरे हुए हैं। न सिर्फ कर्मचारियों की व्यक्तिगत जानकारियों में गलतियाँ हैं, बल्कि कार्ड में कर्मचारियों के परिवार के सदस्यों की जानकारी भी दर्ज नहीं की गई है।

नेताओं का यह भी कहना है कि कलेक्टर द्वारा संभावित घोटाले की जांच के आदेश के संकेत मिलते ही जल्दबाजी में ये अधूरे कार्ड बांटे गए, ताकि किसी भी तरह मामला शांत किया जा सके।

कार्ड की स्थिति देखकर कर्मचारी नाराज हो गए और उन्होंने त्रुटियुक्त कार्ड लेने से इनकार कर दिया। कर्मचारियों की यह भी मांग थी कि परिवार के सदस्यों के नाम, फोटो और आधार नंबर जोड़कर ही कार्ड दिए जाएं।

लेकिन ठेकेदार के प्रतिनिधि कर्मचारियों पर कार्ड लेने और बाद में च्वाइस सेंटर में खुद से त्रुटि सुधार कराने का दबाव डालते रहे। इससे कर्मचारियों की नाराजगी और बढ़ गई और उन्होंने कार्ड पूरी तरह लेने से मना कर दिया।

 क्या जमा हुआ है ESI फंड? बड़ा सवाल उठा

विवाद के दौरान कर्मचारियों ने यह भी सवाल उठाया कि क्या उनके ईएसआई खाते में नियमित रूप से राशि जमा की जा रही है या नहीं?

यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि यदि राशि जमा नहीं की गई होगी, तो यह कार्ड सिर्फ कागज का एक टुकड़ा भर रह जाएगा और किसी भी कर्मचारी को इसका कोई लाभ नहीं मिलेगा।

इस मुद्दे ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया।

 CMO के हस्तक्षेप से बनी सहमति

तनावपूर्ण स्थिति के बीच मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) ने हस्तक्षेप किया। बातचीत के बाद यह सहमति बनी कि—

  • कर्मचारी फिलहाल कार्ड ले लेंगे,
  • और ठेकेदार 7 दिनों के भीतर सभी त्रुटियों को सुधारकर परिवार के विवरण, आधार कार्ड और फोटो जोड़कर कार्ड पुनः उपलब्ध कराएगा।

साथ ही यह भी तय हुआ कि कर्मचारियों के ईएसआई खाते में राशि जमा हुई है या नहीं—इसकी जानकारी दो दिनों के भीतर यूनियन प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाएगी। यह पता लगाने के लिए कि कार्ड सक्रिय (Live) है या नहीं।

 जिले के अन्य निकायों में अभी तक नहीं मिला ESI कार्ड

यूनियन नेताओं ने बताया कि कलेक्टर को पूरे जिले के सभी नगरीय निकायों में प्लेसमेंट कर्मचारियों को ईएसआई कार्ड उपलब्ध कराने और संभावित आर्थिक अनियमितताओं की जांच कराने का ज्ञापन सौंपा गया था।

लेकिन अब तक भानुप्रतापपुर, अंतागढ़, चारामा और पखांजूर नगर पंचायत में कर्मचारियों को ईएसआई कार्ड नहीं मिले हैं।

नेताओं ने कलेक्टर से आग्रह किया कि इन सभी निकायों में तुरंत कार्ड वितरित किए जाएं और ईएसआई मद में संभावित घोटाले की जांच शुरू की जाए।

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