देहरादून। उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों नैनीताल और मसूरी को और अधिक आकर्षक व सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्य सचिव ने गढ़वाल और कुमाऊँ मंडल के आयुक्त एवं पुलिस महानिरीक्षक, साथ ही देहरादून और नैनीताल के जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
बैठक में सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, सड़क सुधार, पार्किंग, मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी, लाइटिंग और कूड़ा निस्तारण जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि यदि आवश्यक हो तो दोनों जिलों से त्वरित प्रस्ताव शासन को भेजे जाएं और चल रहे कार्यों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
पीक पर्यटन सीजन को ध्यान में रखते हुए यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए वैकल्पिक पार्किंग स्थलों की व्यवस्था, रूट डायवर्जन और सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने के निर्देश दिए गए। स्थानीय व्यापारियों, होटल और रेस्टोरेंट संचालकों सहित सभी हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया।
नैनीताल और आसपास के क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क के ब्लाइंड स्पॉट चिन्हित कर सुधार करने तथा जहां आवश्यकता हो वहां पर्याप्त लाइटिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं मसूरी में किंग्रेट स्थित पार्किंग के बेहतर उपयोग के लिए पर्यटन विभाग के साथ समन्वय कर कार्ययोजना बनाने को कहा गया।
शहरों की सुंदरता और स्वच्छता पर भी विशेष फोकस किया गया। अव्यवस्थित बिजली और केबल तारों को व्यवस्थित करने, भद्दे विज्ञापनों को हटाने, नालियों की सफाई, रंगाई-पुताई और रेलिंग सुधार जैसे कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे करने के निर्देश दिए गए।
पर्यटकों से ओवरचार्जिंग और दुर्व्यवहार पर सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों को सादे वस्त्रों में तैनात करने को कहा गया है, ताकि किसी भी प्रकार की शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।








