रोहतक, दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा), रोहतक में सोमवार को चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव *भारंगम* एवं *सारंग* का भव्य शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे भोजपुरी गायक, अभिनेता और सांसद मनोज तिवारी ने अपनी लोकप्रिय प्रस्तुतियों से पूरे विश्वविद्यालय परिसर को संगीतमय बना दिया।
यूनिवर्सिटी के कोर्ट यार्ड में आयोजित सांस्कृतिक संध्या के दौरान विभिन्न कलात्मक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं *भारंगम* महोत्सव का आयोजन मिनी ऑडिटोरियम में किया गया, जिसका संचालन नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान सांसद मनोज तिवारी ने अपने गीतों में डीएलसीसुपवा का उल्लेख करते हुए कुलगुरु डॉ. अमित आर्य से विश्वविद्यालय में बार-बार आमंत्रित किए जाने का आग्रह भी किया।
कुलगुरु डॉ. अमित आर्य ने अपनी टीम के साथ सभी अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर बॉलीवुड अभिनेता यशपाल शर्मा, ओलंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त, पहलवान व मॉडल संग्राम सिंह, एनएसडी के वरिष्ठ रंगकर्मी विद्यानिधि, उपायुक्त सचिन गुप्ता, फिल्म निर्माता अतुल गंगवार, हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया और समाजसेवी सुभाष आहुजा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अपने संबोधन के दौरान सांसद मनोज तिवारी ने ‘हे राजा जी एकरे त रहल जरूरत…’, ‘रिंकिया के पापा’ और छठी मैया से जुड़े गीतों की पंक्तियां गाईं, जिन पर दर्शक झूम उठे। उन्होंने कहा कि बिहार की माटी से निकले लोकगीत आज वैश्विक स्तर पर पहचान बना रहे हैं, ठीक वैसे ही जैसे हरियाणा में दादा लख्मी चंद की लोक परंपरा आज भी जीवंत है।
मनोज तिवारी ने कहा कि डीएलसीसुपवा जैसे संस्थान युवाओं को कला, रंगमंच और संस्कृति सीखने का सुनहरा अवसर प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने *भारंगम* और *सारंग* जैसे विशाल महोत्सव के आयोजन के लिए विश्वविद्यालय को बधाई देते हुए इसे कला जगत के लिए गर्व का विषय बताया।








