एक राष्ट्र, एक चुनाव के लिए मजबूत सरकार को लोकतंत्र के तीन अंगों को मूल सिद्धांत पर आकर संविधान के दायरे में काम करना होगा: पूर्व न्यायधीश डॉ एस एन पाठक
इस संगोष्ठी कार्यकम में 510 प्रतिभागियों ने पंजीकरण किया
राष्ट्रीय संगोष्ठी ज्ञान और समझ को प्रस्तुत करने और गहराई से चर्चा करने के लिए एक चुनौती और अवसर दोनों प्रदान करता है-
कुलाधिपति बी एन साह
रामगढ़: राधा गोविन्द विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम हॉल में विधि विभाग द्वारा राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ।
राष्ट्रीय संगोष्ठी का विषय एक राष्ट्र एक चुनाव था ,कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि झारखंड उच्च न्यायालय रांची के पूर्व न्यायधीश माननीय जस्टिस डॉ एस एन पाठक ,ब्ल्यू फाउंडेशन रांची के चेयरमैन डॉ पंकज सोनी , झारखंड उच्च न्यायालय प्रवक्ता विनोद कुमार, विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बी एन साह,सचिव प्रियंका कुमारी, कुलपति प्रो (डॉ) रश्मि, कुलसचिव प्रो (डॉ) निर्मल कुमार मंडल, वित्त एवं लेखा पदाधिकारी डॉ संजय कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो (डॉ) अशोक कुमार, प्रबंध समिति सदस्य अजय कुमार, समाजसेवी सी पी संतन एवं मीडिया प्रभारी डॉ संजय कुमार उपस्थित थे।
संगोष्ठी का उद्घाटन मुख्य अतिथि पूर्व न्यायधीश डॉ एस एन पाठक, कुलाधिपति बी एन साह, एवं गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से विश्विद्यालय के संस्थापक स्व गोविंद साह एवं स्व राधा देवी के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर किया।
उसके बाद सभी अतिथियों को पुष्पगुच्छ, प्रतीक चिन्ह और अंगवस्त्र भेट कर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम की शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो(डॉ) रश्मि के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों और वक्ताओं का स्वागत करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण और राष्ट्रीय विकास में विश्विद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। एक राष्ट्र की सफलता के लिए शोध का मजबूत होना आवश्यक है, क्योंकि यह आर्थिक विकास, तकनीकी विकास और शिक्षा में उन्नति को बढ़ावा देता हैं।
डॉ एस एन पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि
“वन नेशन,वन इलेक्शन” विषय पर आधारित इस राष्ट्रीय सेमिनार के अवसर पर सभी प्रतिभागियों, विशेषज्ञों, अध्यापकों और विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एक देश एक चुनाव के लिए मजबूत सरकार को लोकतंत्र के तीन अंगों को मूल सिद्धांत पर आकर संविधान के दायरे में काम करना होगा और मूलभूत सिद्धांतों के लिए संविधान में संशोधन करने के बाद ही एक देश एक चुनाव मजबूत होगा।
दूसरे वक्ता चेयरमैन ब्ल्यू फाउंडेशन, रांची के डॉ पंकज सोनी कहा कि अत्यधिक चुनाव व्यय से देश के आर्थिक विकास पर प्रभाव पड़ता है।
विभिन्न वक्ताओं ने संगोष्ठी के विषय को भावी पीढ़ी के विकास और उत्थान के लिए आवश्यक बताया और विषय की महत्ता पर प्रकाश डाला।
कुलाधिपति बी एन साह ने सभी गणमान्य अतिथियों को तहेदिल दिल से हार्दिक बधाई दी और उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय संगोष्ठी किसी विशेष विषय पर अपने ज्ञान और समझ को प्रस्तुत करने और गहराई से चर्चा करने के लिए एक चुनौती और अवसर दोनों प्रदान करता है।
सचिव प्रियंका कुमारी ने राष्ट्रीय संगोष्ठी की प्रशंसा की और उन्होंने सभी शिक्षकों, शोधार्थियों एवं छात्रों को आलोचनात्मक सोच और अनुसंधान के माध्यम से समाज में सकारात्मक योगदान देने के प्रेरित किए।
यह संगोष्ठी चेयरपर्सन के उपस्थिति के साथ समांतर चार सत्रों में चला।
पहले सत्र में सभी मुख्य वक्ताओं ने एक राष्ट्र एक चुनाव पर विस्तार पूर्वक चर्चा किया।
तकनीकी सत्र के दौरान सभी शोधार्थियों ने अपने -अपने विषय पर शोध प्रस्तुत किया।
इस संगोष्ठी कार्यकम में 510 प्रतिभागियों ने पंजीकरण किया।
कार्यक्रम का नेतृत्व विधि विभाग के व्याख्याता महेंद्र मंडल एवं आलोक आंबेडकर ने किया।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षा विभाग के व्याख्याता डॉ रंजना पांडेय और डॉ अमरेश पांडेय ने किया।
विश्वविद्यालय कुलसचिव प्रो (डॉ) निर्मल कुमार मंडल धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि आज के संगोष्ठी का उद्देश्य विद्यार्थियों को चुनावी व्यवस्था , प्रशासनिक चुनौतियों और संवैधानिक पहलुओं की समझ प्रदान करेगा।
राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन राष्ट्रगान गाकर किया गया।
मौके पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष , कर्मचारीगण , विभिन्न राज्यों के शोधार्थी एवं छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे।








